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हम जो भी भोजन करते हैं, उसके पोषक तत्व तभी शरीर को फायदा पहुंचाते हैं, जब हम उन्हें सही तरीके से तैयार करके खाएं। कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं जिन्हें भिगोकर (Soaked) खाने से उनके अंदर मौजूद एंटी-न्यूट्रिएंट्स कम हो जाते हैं और पोषक तत्व ज्यादा बेहतर तरीके से शरीर में अवशोषित होते हैं। लेकिन इन्हें बिना भिगोए खाना कई बार पाचन संबंधी दिक्कतें, पोषण की कमी या गैस जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ चीजें जिन्हें भिगोकर खाना सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है—
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बादाम – बिना भिगोए पोषण नहीं मिलता पूरा
बादाम को सुपरफूड कहा जाता है क्योंकि इसमें विटामिन ई, फाइबर, हेल्दी फैट्स और कई जरूरी मिनरल्स मौजूद होते हैं। लेकिन बिना भिगोए बादाम खाने से उसकी ब्राउन स्किन में मौजूद टैनिन पोषक तत्वों के अवशोषण को कम कर देता है। (Photo Source: Pexels) -
क्यों भिगोकर खाएं?
भिगोने से टैनिन कम होता है। पाचन आसान होता है। पोषक तत्व शरीर में तेजी से अवशोषित होते हैं। दिमाग और त्वचा के लिए फायदे बढ़ जाते हैं। (Photo Source: Pexels) -
चना – गैस और भारीपन की समस्या
चना प्रोटीन, फाइबर, आयरन और मिनरल्स का बेहतरीन स्रोत है। लेकिन इसे कच्चा या बिना भिगोया खाने से यह शरीर में ठीक से पच नहीं पाता। समस्याएं जो हो सकती हैं: पेट में भारीपन, गैस और ब्लोटिंग, अपच, और पोषक तत्वों का कम अवशोषण। (Photo Source: Pexels) -
क्यों भिगोएं?
भिगोने से यह हल्का और पचने योग्य बनता है। प्रोटीन और मिनरल्स शरीर में बेहतर तरह से अवशोषित होते हैं। पेट संबंधी परेशानियां कम होती हैं। (Photo Source: Pexels) -
चिया सीड्स – सूखे खाए तो कर सकते हैं नुकसान
चिया सीड्स फाइबर, ओमेगा-3 और प्रोटीन से भरपूर होते हैं। लेकिन इन्हें सूखा खाने से ये पेट में पानी सोखकर फूल जाते हैं, जिससे असहजता हो सकती है। सूखा खाने से यह गले में अटकने, पेट दर्द, कब्ज और भारीपन का कारण बन सकता है। (Photo Source: Pexels) -
क्यों भिगोएं?
भिगोए हुए चिया जेल जैसा बन जाते हैं, जो पाचन में आसान होता है। फाइबर एक्टिवेट हो जाता है और कब्ज नहीं होती। पोषक तत्व अधिक प्रभावी होते हैं। (Photo Source: Pexels) -
राजमा, काबुली चना और दालें – एंटी-न्यूट्रिएंट्स कम होते हैं
राजमा, काबुली चना, उड़द, मूंग या अन्य दालों में फाइटेट्स और लेक्टिन्स पाए जाते हैं, जो शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण को रोकते हैं। (Photo Source: Pexels) -
क्यों जरूरी है भिगोना?
फाइटेट्स और लेक्टिन्स कम हो जाते हैं। बीन्स और दालें जल्दी पकती हैं। गैस और पेट की समस्या कम होती है। प्रोटीन और पोषक तत्व ज्यादा उपलब्ध होते हैं। (Photo Source: Pexels) -
साबुत अनाज – बेहतर पाचन और पोषण
गेहूं, दलिया, जौ, बाजरा या अन्य साबुत अनाज भी भिगोने से हल्के और आसानी से पकने योग्य हो जाते हैं। (Photo Source: Pexels) -
फायदे: पाचन आसान, एंटी-न्यूट्रिएंट्स कम, स्वाद और टेक्सचर बेहतर, और पोषक तत्व बढ़ जाते हैं। (Photo Source: Pexels)
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