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आज एंटी-एजिंग के नाम पर महंगे क्रीम, सप्लीमेंट्स और ट्रीटमेंट्स बिक रहे हैं, लेकिन हजारों साल पहले प्राचीन भारत में लोग स्वाभाविक रूप से धीरे बूढ़े होते थे। वजह थी उनकी दिनचर्या और लाइफस्टाइल। आयुर्वेद और वैदिक परंपराओं में ऐसे कई रिवाज बताए गए हैं जो शरीर, मन और कोशिकाओं (cells) को युवा बनाए रखते थे। आइए जानते हैं ऐसे 10 प्राचीन भारतीय रिचुअल, जिन्हें आज भी अपनाया जाए तो उम्र पीछे की ओर चल सकती है। (Photo Source: Pexels)
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ब्रह्म मुहूर्त में जागना़
सूर्योदय से पहले उठना सिर्फ अनुशासन नहीं, बल्कि हार्मोनल संतुलन है। ब्रह्म मुहूर्त में जागने से मेलाटोनिन, कोर्टिसोल और सर्कैडियन रिदम संतुलित होते हैं, जिससे पाचन, त्वचा की मरम्मत और कोशिकाओं का पुनर्निर्माण बेहतर होता है। आधुनिक विज्ञान भी मानता है कि सुबह की प्राकृतिक रोशनी लंबी उम्र से जुड़े जीन को सक्रिय करती है। (Photo Source: Pexels) -
अभ्यंग (तेल मालिश)
रोजाना गर्म तेल से शरीर की मालिश लक्जरी नहीं, बल्कि नर्वस सिस्टम की थेरेपी थी जो इसे सुरक्षित महसूस कराने की प्रक्रिया है। यह ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम करती है, त्वचा की परतों को पोषण देती है और जोड़ों को चिकनाई देती है। आयुर्वेद के अनुसार वात दोष असंतुलन उम्र बढ़ाता है, और अभ्यंग उसे शांत करता है। (Photo Source: Pexels) -
सूरज के साथ खाना, घड़ी के साथ नहीं
प्राचीन भारत में भोजन का समय तय नहीं था, बल्कि अग्नि (पाचन शक्ति) देखी जाती थी। दोपहर में भारी भोजन और सूर्यास्त से पहले हल्का खाना, यही नियम था। देर रात खाना पाचन को बिगाड़ता है, जिससे सूजन और तेज एजिंग होती है। (Photo Source: Pexels) -
ऋतुचर्या यानी मौसम के साथ जीना
सर्दियों में आम और मानसून में सलाद खाना शरीर की प्रकृति के खिलाफ है। ऋतुचर्या के अनुसार हर मौसम में अलग भोजन, दिनचर्या और शुद्धिकरण अपनाया जाता था, जिससे साल भर सूजन और बीमारियां नियंत्रण में रहती थीं। (Photo Source: Pexels) -
नस्य यानी नाक से युवावस्था का प्रवेश
नाक में रोजाना कुछ बूंदें तेल डालना (नस्य) दिमाग, साइनस, हार्मोनल संतुलन और त्वचा की चमक को बनाए रखता है। यह स्मरण शक्ति तेज करता है, बालों को घना रखता है और चेहरे को युवा बनाए रखता है। (Photo Source: Pexels) -
मौन और शांति का अभ्यास
जब मन कभी शांत नहीं होता, तब उम्र तेजी से बढ़ती है। मौन का अभ्यास मानसिक ‘आम’ (विषैले विचार) को कम करता है। कम मानसिक शोर से कम कोर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) बनते हैं और यहा कोशिकाओं की उम्र धीमी कर देता है। (Photo Source: Pexels) -
प्राकृतिक मूवमेंट
जिम आने से पहले भारतीय शरीर प्राकृतिक मूवमेंट से फिट रहते थे। ज़मीन पर बैठना, स्क्वैट करना, नंगे पांव चलना, ये सब जोड़ों, रीढ़ और मांसपेशियों को जवान रखते हैं। (Photo Source: Pexels) -
सही तरीके से उपवास
उपवास को कभी भी अत्याचार नहीं माना गया। उपवास शरीर में ऑटोफैजी सक्रिय करता है, यानी शरीर खुद की सफाई करता है। यही प्रक्रिया उम्र को धीमा करती है। (Photo Source: Pexels) -
ऑयल पुलिंग और जीभ साफ करना
मुंह शरीर की उम्र का आईना है। रोजाना जीभ साफ करना और तेल खींचना टॉक्सिन्स के दोबारा अवशोषण को रोकता है, जिससे पाचन, त्वचा और ऊर्जा बेहतर रहती है। (Photo Source: Pixabay) -
धर्म के साथ जीवन जीना
सबसे शक्तिशाली एंटी-एजिंग रहस्य यही है। जिसके जीवन में उद्देश्य होता है, वह अंदर से जवान रहता है। धर्म केवल धार्मिकता नहीं, बल्कि अपने कर्तव्य और अर्थ को पहचानना है। उद्देश्यहीन जीवन उम्र को तेजी से बढ़ाता है। (Photo Source: Pexels)
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