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हॉरर फिल्मों का डर अक्सर थिएटर से बाहर निकलते ही खत्म हो जाता है, लेकिन कुछ डॉक्यूमेंट्रीज ऐसी होती हैं जो स्क्रीन बंद होने के बाद भी दिमाग से निकलती नहीं हैं। वजह साफ है- ये कहानियां काल्पनिक नहीं, बल्कि हकीकत पर आधारित होती हैं। इंसानी सोच, अपराध, मानसिक बीमारी और सिस्टम की नाकामियों को दिखाती ये डॉक्यूमेंट्रीज कई बार हॉरर फिल्मों से भी ज्यादा विचलित कर देती हैं। आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ सबसे डिस्टर्बिंग डॉक्यूमेंट्रीज के बारे में, जिन्हें देखना आसान नहीं, लेकिन नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता। (Stills From FIlms)
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Capturing the Friedmans (2003)
यह डॉक्यूमेंट्री एक सामान्य दिखने वाले, मध्यमवर्गीय यहूदी परिवार की कहानी है, जिसकी दुनिया उस वक्त बिखर जाती है जब परिवार के पिता और छोटे बेटे पर यौन अपराधों के गंभीर आरोप लगते हैं। फिल्म सवाल उठाती है- सच क्या है और झूठ क्या? घरेलू वीडियो फुटेज और कोर्ट केस के जरिए यह डॉक्यूमेंट्री दर्शकों को नैतिक उलझन में डाल देती है। (Still From FIlm) -
Cropsey (2009)
एक शहरी किंवदंती और हकीकत के बीच की पतली रेखा। बचपन में डराने वाली कहानी धीरे-धीरे एक असली सीरियल किडनैपर की सच्चाई में बदल जाती है। यह डॉक्यूमेंट्री दिखाती है कि कैसे लोककथाएं कभी-कभी डरावनी सच्चाई छिपाए होती हैं। (Still From FIlm) -
Dear Zachary (2008)
यह सिर्फ एक डॉक्यूमेंट्री नहीं, बल्कि दिल तोड़ देने वाला अनुभव है। एक दोस्त की हत्या, एक जन्म लेने वाला बच्चा और न्याय व्यवस्था की नाकामी, यह फिल्म गुस्सा, दुख और बेबसी, तीनों भावनाओं से झकझोर देती है। (Still From FIlm) -
The Act of Killing (2012)
यह डॉक्यूमेंट्री शायद सबसे ज़्यादा असहज करने वाली फिल्मों में से एक है। इंडोनेशिया के पूर्व डेथ स्क्वॉड लीडर्स को अपने ही किए गए नरसंहारों को फिल्मों के अलग-अलग जॉनर में दोबारा enact करने के लिए कहा जाता है। अपराधियों का बिना पछतावे के जश्न मनाना रोंगटे खड़े कर देता है। (Still From FIlm) -
The Bridge (2006)
गोल्डन गेट ब्रिज पर आत्महत्या की घटनाओं को छिपे कैमरों से रिकॉर्ड करने वाली यह डॉक्यूमेंट्री मानसिक रूप से बेहद भारी है। यह सिर्फ मौत नहीं दिखाती, बल्कि पीड़ितों के परिवारों के दर्द और मानसिक स्वास्थ्य पर समाज की चुप्पी को भी सामने लाती है। यह फिल्म देखना भावनात्मक रूप से बेहद कठिन है। (Still From FIlm)
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The Cannibal That Walked Free (2007)
जापानी नरभक्षी इस्सेई सगावा की कहानी किसी बुरे सपने से कम नहीं है। डॉक्यूमेंट्री यह दिखाती है कि कैसे एक जघन्य अपराध करने वाला इंसान कानून की खामियों की वजह से खुलेआम घूमता रहा और धीरे-धीरे एक अजीब सेलिब्रिटी बन गया। यह फिल्म अपराध से ज्यादा समाज की सनसनीखेज मानसिकता को उजागर करती है। (Still From FIlm) -
The Imposter (2012)
एक लापता किशोर, एक शोकाकुल परिवार और एक अजनबी जो खुद को उनका बेटा बताता है। यह डॉक्यूमेंट्री पहचान, झूठ और इंसानी भरोसे के साथ किए गए खौफनाक खेल को दिखाती है। अंत तक पहुंचते-पहुंचते कहानी और भी डरावनी हो जाती है। (Still From FIlm) -
The Man With 1000 Kids (2024)
नेटफ्लिक्स की यह डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ डच यूट्यूबर जोनाथन जैकब मेयर पर आधारित है, जिस पर दुनिया भर में सैकड़ों बच्चों का जैविक पिता होने का आरोप है। यह कहानी सिर्फ धोखाधड़ी की नहीं, बल्कि एथिक्स, कानून और आधुनिक तकनीक के खतरनाक मेल की भी है। (Still From FIlm) -
There’s Something Wrong With Aunt Diane (2011)
एक सड़क हादसा, कई मौतें और ढेर सारे सवाल।
क्या डायने एक लापरवाह शराबी थी या फिर एक परफेक्ट सबअर्बन मां, जिसके साथ कुछ अकल्पनीय हुआ? यह डॉक्यूमेंट्री सच्चाई की परतें खोलते हुए दर्शकों को असमंजस में छोड़ देती है। (Still From FIlm) -
Wrinkles the Clown (2019)
एक ऐसा आदमी जो बच्चों को डराने के लिए पैसे लेता है। सुनने में अजीब लगता है, लेकिन यह डॉक्यूमेंट्री इंटरनेट कल्चर, पेरेंटिंग और डर के बिज़नेस को सामने लाती है। डर सिर्फ क्लाउन से नहीं, बल्कि समाज की सोच से भी लगता है। (Still From FIlm)
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