
जयंतीलाल भंडारी अपने इस लेख में बता रहे हैं कि नए एफटीए, श्रम कानून और निवेश प्रतिबद्धताओं से भारत का…

जयंतीलाल भंडारी अपने इस लेख में बता रहे हैं कि नए एफटीए, श्रम कानून और निवेश प्रतिबद्धताओं से भारत का…

अस्वीकृति के बोझ तले हम दब गए हैं। शुरुआत में अस्वीकृतियां चुभती-सी महसूस होती हैं। ऐसा लगता है कि सिर्फ…

जिस कृत्रिम रोशनी को हमने अपनी सुविधा के लिए ईजाद किया था, उसके जोखिम अब बढ़ते जा रहे है। जरूरत…

पश्चाताप एक पवित्र मानवीय भावना है और इसका एक क्रियात्मक पक्ष है। इसको गलती सुधारने और अपना जीवन पक्ष मजबूत…

आज की पीढ़ी ने अपने बच्चों को पूरी दुनिया एक छोटी-सी स्क्रीन में सौंप दी है। मगर क्या वे इस…

डॉ. सन्त प्रकाश तिवारी अपने इस लेख में बता रहे हैं कि इस विचारधारा को समझना है तो 2012-2013 में…

सौ से ज्यादा ईसाई लोग उत्तर प्रदेश की जेलों में बंद हैं ‘जबरदस्ती धर्मांतरण’ करने की सजा भुगतते हुए। समस्या…

वर्ष 1971 में बांग्लादेश के निर्माण के बाद उम्मीद जगी थी कि वहां के सामाजिक-राजनीतिक जीवन में हिंदुओं को समान…

एक अंग्रेजी चैनल ने अपने शाम की बहस के कार्यक्रम में बताया कि एक ओर प्रधानमंत्री चर्च जाकर एकता का…

पीएस वोहरा अपने इस लेख में बता रहे हैं कि डालर का ऐतिहासिक स्तर 91 रुपए पर पहुंच जाना भी…

जनसत्ता अखबार के स्तम्भ ‘दुनिया मेरे आगे’ में आज पढ़ें रामानुज पाठक के विचार।

हरित हाइड्रोजन भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता और कार्बन-मुक्त भविष्य की ओर ले जाने वाला सबसे सशक्त विकल्प बनकर उभर रहा…