दिल्ली के कई मुसलिम नेताओं ने इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के प्रमुख विवादास्पद नेता जाकिर नाईक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आॅल इंडिया उलेमा मशाईख बोर्ड की ओर से हुई पत्रकार वार्ता में मुसलिम नेताओं ने जाकिर नाईक के ‘पीस टीवी’ के प्रसारण को बंद करने की मांग की है और उनपर विदेशी पैसे का खेल करने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने जाकिर नाईक पर देश में युवाओं के बीच कट्टरता फैलाने का भी आरोप लगाया है।

मुसलिम नेताओं ने आरोप लगाया कि जाकिर नाईक बड़ी बेबाकी से कुरान और हदीस की गलत व्याख्या करके न सिर्फ मुसलमानों को गुमराह करते हैं, बल्कि इस्लाम, पैगंबर साहब और उनके पारिवारिक सदस्यों का भी अपमान करते हैं। मुसलमानों के विरोध की वजह से उनके कई कार्यक्रम भी रद्द हो चुके हैं।

2008 में उन पर प्रतिबंध भी लग चुका है। बोर्ड का कहना है कि अब समय है कि ऐसी विचारधारा के खिलाफ कड़े कदम उठाकर मुसलिम युवाओं और भारतीय संस्कृति की सुरक्षा की जाए। बोर्ड ने जाकिर नाईक के खिलाफ जांच में तेजी लाने, पीस टीवी पर रोक लगाने और उनके विदेशी धन के स्रोतों की भी जांच करवाने की सरकार से मांग की है।

प्रेस कांफ्रेंस में बोर्ड के राष्ट्रीय सचिव शाह हसन जमीं, सज्जादा नशीं दरगाह कुतुबुद्दीन काकी महरोली के संरक्षक अब्दुल मोईद अजहरी, वाजा सैय्यद फरीद निजामी, सूफी अजमल निजामी, सैय्यद शाहबाद रिजवी, मौलाना अबु बकर, रईस अहमद अशरफी और कारी इलयास अहमद ने संबोधित किया।