विश्व हेपेटाइटिस दिवस की पूर्व संध्या पर एक क्लिनिकल शोध संस्था ने बुधवार को कहा कि भारत हेपेटाइटिस के क्षेत्र में शोध के मामले में पिछड़ रहा है जबकि इस संक्रामक बीमारी के किफायती और प्रभावी इलाज के लिए यह बहुत जरूरी है।
इंडियन सोसाइटी फॉर क्लिनिकल रिसर्च (आइएससीआर) ने कहा कि वैश्विक आबादी का 17 फीसद हिस्सा भारत में बसता है और दुनिया भर में 20 फीसद रोगी भारत में रहते हैं( लेकिन यहां पूरी दुनिया में होने वाले क्लीनिकल परीक्षणों का 1.4 फीसद भी क्लिीनिकल परीक्षण नहीं हो पाता।
आइएससीआर की अध्यक्ष सुनीला थट्टे ने कहा, ‘भारत कभी ऐसा देश नहीं रहा जहां पूरी दुनिया में होने वाले परीक्षणों के मुकाबले होने वाले परीक्षणों का फीसद अच्छा रहा हो, न ही हमारा मकसद यह है कि हम परीक्षणों के मामले में क्षेत्रीय या वैश्विक तौर पर पहले पायदान पर पहुंचें’।