कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में मीडियाकर्मियों से पूछा कि क्या वे स्वतंत्र होकर लिख रहे हैं या दबाव महसूस कर रहे हैं। संवाददाता सम्मेलन के आरंभ में मुस्कराते हुए राहुल ने संवाददाताओं से पूछा, “आप कैसे हैं, आपका मूड कैसा है? क्या आप इन दिनों स्वतंत्र रूप से लिख रहे हैं या कोई दबाव है..? मुख्य रूप से नोटबंदी के मसले पर बातचीत के लिए आए राहुल ने मसले पर बोलने से पहले मुस्कराते हुए कहा, “देश का सामान्य मूड ऐसा है कि लोग खुलकर बोलने से थोड़े भयभीत हैं। मीडियापर्सन भी अपना काम अनिच्छा भाव से कर रहे हैं। लेकिन आपको हमारी ओर से पूरा समर्थन है। विपक्ष का आरोप है कि नरेंद्र मोदी सरकार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में बाधा उत्पन्न कर रही है और अघोषित आपातकाल की स्थिति उत्पन्न कर दी है जहां प्रेस पर प्रतिबंध है।

इसके साथ ही राफेल मामले में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन की मांग पर वित्त मंत्री अरुण जेटली से 24 घंटे के भीतर जवाब मांगने के एक दिन बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि ऐसा लगता है कि जेटली के ‘बॉस’ ने जेपीसी के लिए मना कर दिया क्योंकि वो जनता का सामना करने को लेकर डरे हुए हैं। जेपीसी पर जवाब के लिए जेटली को दी गई 24 घंटे की ‘‘समयसीमा’’ खत्म होने के बाद गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘प्रिय जेटली जी, मुझे लगता है कि आपके बॉस ने ‘ग्रेट राफेल रॉबरी’ पर जेपीसी गठित करने से मना कर दिया? छिपाने के लिए बहुत कुछ है, इतना डरे हैं कि लोगों का सामना नहीं कर सकते। मुझे ऐसा लगता है…।

इससे कुछ घंटे पहले गांधी ने ट्वीट कर कहा था, ‘‘प्रिय जेटली जी, राफेल की जांच के लिए जेपीसी के गठन के संदर्भ में आपकी समयसीमा खत्म होने में छह घंटे बचे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘युवा भारत इंतजार कर रहा है। मैं आशा करता हूं कि आप मोदी जी और अनिल अंबानी जी को इस बात के लिए मनाने में लगे हैं कि उन्हें आपकी बात क्यों सुननी चाहिए और इसकी अनुमति देनी चाहिए।’’ जेटली द्वारा कल राफेल मामले में कांग्रेस पर झूठ फैलाने का आरोप लगाए जाने के बाद राहुल गांधी ने उन पर पलटवार किया था और आरोप लगाया कि ‘आपके सुप्रीम लीडर’ अपने एक मित्र को बचा रहे हैं। दरअसल, जेटली ने कल राफेल विमान सौदे के बारे में कांग्रेस के ऊपर झूठ फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि विपक्षी पार्टी तथा उसके नेता राहुल गांधी फर्जी अभियान चलाकर राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ कर रहे हैं।