Indian Air Force Aerial Strike: भारतीय वायु सेना द्वारा पीओके में आतंकियों पर की गई बड़ी कार्रवाई के बाद देश की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार (26-02-2018) को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। यह बैठक अब खत्म हो चुकी है। बैठक खत्म होने के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि ‘हमने सेना द्वारा की गई कार्रवाई की सराहना की है। आतंकवाद को खत्म करने के लिए हम हमेशा सेना के साथ हैं। दूसरी अच्छी बात यह है कि यह खास तौर से आतंकियों और आतंकवादी कैंपों को निशाना बनाकर किया गया ऑपरेशन था।’ बैठक खत्म होने के बाद सुषमा स्वराज ने कहा कि सभी दलों ने वायुसेना को बधाई दी है।

सुषमा स्वराज ने कहा, “बड़े आतंकी कैंप पर भारतीय वायु सेना द्वारा किए गए ऑपरेशन के बारे में अधिकृत जानकारी देने के लिए मैंने सर्वदलीय बैठक बुलायी थी। बैठक में सरकार की तरफ से गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली, संसदीय कार्य राज्य मंत्री विजय गोयल तथा लगभग सभी बड़े दलों के प्रतिनिधियों ने उपस्थिति दर्ज करायी। मुझे खुशी है कि सभी प्रतिनिधियों ने एक स्वर में भारतीय वायुसेना को बधाई दी। फिर सरकार द्वारा किए गए किसी भी आतंक विरोधी कार्रवाई के लिए हमेशा समर्थन देने का आश्वासन दिया। पक्ष और विपक्ष का भेद किए बिना एकजुटता का प्रदर्शन किया।”

सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद, माकपा के सीताराम येचुरी, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओब्रायन, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रफुल्ल पटेल, बीजू जनता दल के भर्तृहरि महताब, नेशनल कांफ्रेंस के उमर अब्दुल्ला तथा कुछ अन्य नेता शामिल हुए।

इससे पहले भारत के विदेश सचिव विजय गोखले ने इस अभियान के बारे में जानकारी देने के लिए आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि विश्वसनीय खुफिया जानकारी मिली थी कि 12 दिन पहले पुलवामा हमले को अंजाम देने के बाद जैशे मोहम्मद भारत में और आत्मघाती आतंकी हमले की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई थी कि जैशे मोहम्मद देश के विभिन्न हिस्सों में दूसरा आत्मघाती हमला करने के प्रयास में है और इसके लिए फिदायीन जेहादियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। आसन्न खतरे के मद्देनजर, यह हमला जरूरी हो गया था।’’

गोखले ने कहा, ‘‘भारत ने गुप्तचर सूचना की मदद से (मंगलवार) तड़के एक अभियान में बालाकोट में जैशे मोहम्मद के सबसे बड़े प्रशिक्षिण शिविर पर हमला किया। इस अभियान में जैशे मोहम्मद के बड़ी संख्या में आतंकवादी, प्रशिक्षक, बड़े कमांडर और फिदायीन हमले के लिए प्रशिक्षित किये गए जेहादी समूह मारे गए।’’ (एजेंसी इनपुट के साथ)