भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को ब्रिटेन से भारत प्रत्यर्पित करने की भारत सरकार की कोशिशें अंतिम चरण में हैं। वहीं विजय माल्या द्वारा लगातार इस पर नाराजगी जाहिर की जा रही है। गुरुवार को अपने ताजा ट्वीट में विजय माल्या ने पीएम मोदी के बयान पर सवाल खड़े किए हैं। दरअसल बीते दिनों पीएम मोदी द्वारा एक टीवी चैनल को दिए गए इंटरव्यू के हवाले से पीएम मोदी के बयान पर नाराजगी जाहिर करते हुए माल्या ने ट्वीट किया कि “कोई और नहीं बल्कि भारत के प्रधानमंत्री ने इंटरव्यू के दौरान कहा है कि उनकी सरकार मुझसे उससे भी ज्यादा रकम रिकवर कर चुकी है, जो सरकारी बैंकों की मुझ पर बकाया थी। वहीं सरकारी बैंक इंग्लिश कोर्ट में कोई और बात कह रहे हैं। किस पर यकीन करें? कौन झूठ बोल रहा है?”
बुधवार को माल्या ने अपने एक ट्वीट में सरकार द्वारा सरकारी एयरलाइंस और प्राइवेट एयरलाइंस के बीच भेदभाव का मुद्दा भी उठाया था। माल्या ने ये बात जेट एयरवेज के संदर्भ में कही थी कि सरकार प्राइवेट एयरलाइंस की मदद नहीं कर रही है। वहीं सरकारी एयरलाइंस एयर इंडिया को संकट से उबारने के लिए कई बड़े कदम उठा रही है। माल्या ने ट्वीट करते हुए लिखा कि “सरकार, जनता के 35 हजार करोड़ रुपए एयर इंडिया को संकट से उबारने के लिए इस्तेमाल कर सकती हैं, वो सिर्फ इसलिए क्योंकि यह सरकारी है! इस भेदभाव के लिए कोई बहाना नहीं होना चाहिए।” बता दें कि विजय माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस साल 2012 में बंद हो गई थी। इसके एक साल बाद सरकार ने किंगफिशर एयरलाइंस का लाइसेंस रद्द कर दिया था। दरअसल एयरलाइंस भारतीय बैंकों से लिए 9000 करोड़ रुपए चुकाने में असमर्थ रही थी।
None other than the Prime Minister of India specifically says in an interview that his Government has recovered more money than I allegedly owe PSU Banks and the same Banks claim otherwise in English Courts. Who does one believe ? One or the other is lying.
— Vijay Mallya (@TheVijayMallya) April 18, 2019
माल्या ने अन्य ट्वीट में लिखा कि “मैंने किंगफिशर में बड़ा निवेश किया था, जिससे वह तेजी से भारत की सबसे बड़ी और सबसे ज्यादा अवार्ड पाने वाली एयरलाइंस बन गई थी। ये सच है कि किंगफिशर ने सरकारी बैंकों से पैसा लिया। मैंने बैंकों को पूरा पैसा वापस करने का ऑफर दिया था, लेकिन मुझ पर आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया।” माल्या ने लिखा कि “मैं चाहे लंदन में रहूं या फिर भारत की जेल में , मैं पूरा पैसा चुकाऊंगा। जिस रकम की मैंने शुरुआत में पेशकश की थी, बैंकों ने वह पैसा क्यों नहीं लिया?”

