भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा के नेता और वित्त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ की गई टिप्पणी के खिलाफ राहुल गांधी पर विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू लोकसभा में भेजेंगे। भाजपा सांसद भूपेंद्र यादव की मांग पर राज्यसभा के सभापति वैकेंया नायडू ने शीत सत्र के आखिरी दिन इसके साफ संकेत दिए है। उन्होंने कहा कि यह विषय उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है, इसीलिए वह इसे लोकसभा को भेजने का विचार कर रहें है। आपको बता दें कि राहुल गांधी ने पिछले दिनों अरुण जेटली के नाम को गलत ढंग से ट्वीट किया था। इस पर भाजपा ने कड़ा ऐतराज जताया था। बीजेपी सांसद भूपेंद्र यादव ने बाद में इसको लेकर राज्यसभा में राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दे दिया था। चूंकि राहुल लोकसभा के सदस्य हैं, इसलिए नियमानुसार उनके खिलाफ इस प्रस्ताव का फैसला इसी सदन में होगा। इसी के चलते राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने इस पर विचार के लिये लोकसभा में भेजने का मन बनाया है।
राहुल ने बीते 27 दिसंबर को राज्यसभा के नेता और केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ टिप्पणी की थी। दरअसल संसद में विपक्षी पार्टियां लगातार पीएम मोदी के उस बयान को लेकर हंगामा कर रही थीं जो उन्होंने गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान एक रैली में दिया था। रैली में मोदी ने कांग्रेस पर पाकिस्तानी अधिकारियों से ‘गुप्त मीटिंग’ करके बीजेपी को हराने की रणनीति बनाने का आरोप लगाया था। मोदी ने यह भी कहा था कि पूर्व पीएम मनमोहन सिंह भी उस मीटिंग में शामिल हुए थे।
इसपर वित्तमंत्री ने पीएम मोदी के बचाव में सफाई देते हुए संसद सत्र के दौरान कहा था कि गुजरात चुनाव के दौरान मोदी ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के लिए जो बातें कही थीं वह देश के प्रति उनकी निष्ठा पर सवाल उठाने के लिए नहीं कही थीं। इसपर चुटकी लेते हुए राहुल ने जेटली के नाम को गलत तरीके से लिखते हुए कहा था कि डियर मिस्टर Jaitlie- देश को यह याद दिलाने के लिए धन्यवाद कि पीएम जो कहते हैं, उसका अर्थ वह नहीं होता और जो अर्थ होता है, उसे वह कहते हैं।’
Dear Mr Jaitlie – thank you for reminding India that our PM never means what he says or says what he means. #BJPLies pic.twitter.com/I7n1f07GaX
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) December 27, 2017
