न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी के जेल में बंद कार्यकर्ता उमर खालिद को लिखी गई चिट्ठी की विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने कड़ी निंदा की है। साथ ही उन पर कुरान का अपमान करने का भी आरोप लगाया है।

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने कहा, ममदानी ने “भारत को बांटने की बात करने वाले अपराधियों” के बचाव में आकर कुरान का अपमान किया है। साथ ही VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने उन सभी अमेरिका के सांसदों की भी आलोचना की, जिन्होंने अमेरिका में भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा को पत्र लिखकर उमर खालिद को जमानत देने का आग्रह किया था।

‘….तो वे खामोश रहते हैं’

उन्होंने दावा करते हुए कहा कि वे भारत में अपराधियों के समर्थन में सामने आते हैं, लेकिन जब अमेरिका में हिंदुओं और हिंदू मंदिरों पर हमले होते हैं तो खामोश रहते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाते हुए कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों पर भी इन सांसदों ने चुप्पी साध रखी है।

जोहरान ममदानी ने उमर खालिद को लिखी थी चिट्ठी

बता दें कि जोहरान ममदानी ने उमर खालिद को लिखी चिट्ठी में “कड़वाहट” को महत्व नहीं देने और खुद पर इसके हावी नहीं होने पर उमर खालिद के विचारों को याद किया। न्यूयॉर्क के नए मेयर जोहरान की इस चिट्ठी को उमर की सहयोगी बनोज्योत्सना लाहिड़ी ने एक्स पर पोस्ट किया। इस चिट्ठी पर जोहरान ममदानी के साइन भी हैं। उन्होंने पत्र में लिखा, “प्रिय उमर, मैं हमेशा आपके उन शब्दों को याद करता हूं जिनमें कड़वाहट को खुद पर हावी नहीं होने देने की बात थी। आपके माता-पिता से मिलकर खुशी हुई। हम सब आपको लेकर परेशान हैं।

‘बांग्लादेश मामले में चुप है’

विनोद बंसल ने हमला करते हुए कहा, “तथाकथित अमेरिकी सांसद और न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी भारत में अपराधियों का साथ दे रहे हैं, लेकिन बांग्लादेश में जो हो रहा है उस पर खामोश हैं। वे तब भी चुप रहते हैं जब अमेरिका में हिंदुओं और उनके मंदिरों पर हमले होते हैं।” उमर खालिद को चिट्ठी लिखने के लिए न्यू्यार्क के मेयर की आलोचना करते हुए, VHP के प्रवक्ता ने कहा कि न्यूयॉर्क शहर के मेयर को ऐसा करने से पहले उनके बारे में सच्चाई का पता लगा लेना चाहिए था।

बंसल ने कहा, “यह किसी तरह की मानसिकता है? हत्यारों का साथ देना… कुरान पर हाथ रखकर शपथ लेने वाले नवनिर्वाचित मेयर ही उसका (कुरान) अपमान कर रहे हैं। यह सही नहीं है।”

दिल्ली दंगों के आरोप में हैं बंद

जानकारी दे दें कि फरवरी 2020 के दिल्ली दंगा मामले में मुख्य साजिशकर्ता होने के आरोप में उमर खालिद और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ कड़े गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967 (यूएपीए) और आईपीसी की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस दंगे में 53 लोगों की जान गई थी और 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

(इनपुट- भाषा)

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