उत्तराखंड में गुरुवार को भारी बारिश के कारण 52 जगहों पर सड़कें टूट गई हैं। जिनका संपर्क जिला मुख्यालयों और देहरादून से टूट गया है। इससे उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग में नंदप्रयाग के पास सड़क पर मलबा आ जाने से बद्रीनाथ का रास्ता बंद हो गया है। जिससे सैंकड़ों वाहन और तीर्थयात्री रास्ते में फंसे हुए हैं। उत्तराखंड में सबसे ज्यादा सड़कमार्ग पौडी गढवाल में 14 भूस्खलन के कारण बंद पडे हुए हैं।
वहीं उत्तरकाशी जिले में आठ, टिहरी और रूद्रप्रयाग जिलों में सात-सात, नैनीताल जिले में छह, अल्मोड़ा और देहरादून जिलों में तीन-तीन, बागेश्वर जिले में दो, चंपावत जिले में एक सड़क मोटर मार्ग बंद पडेÞ हुए हैं। उत्तराखंड के सभी तेरह जिलों में भारी बारिश हो रही है। केदारनाथ में मौसम की खराबी के चलते न आज पैदल और न ही हेलिकाप्टर से यात्रा हो पाई।
टिहरी में एक कार घनसाली से ऋषिकेश जाते हुए नागली चौकी से तीन सौ मीटर पहले 50 मीटर गहरी खाई में गिरने से छह लोग घायल हो गए। जिनमें दो महिलाएं, एक बच्चा और तीन पुरुष शामिल हैं। घायलों का इलाज टिहरी के प्राइवेट अस्पताल मसीह में चल रहा है। वहीं टिहरी जिले में सात मोटरमार्ग पहाड़ों से मलबा आ जाने से बंद पडे हैं।
बारिश से टिहरी बांध में भागीरथी का जलस्तर 770.40 मीटर हो गया है। जबकि टिहरी बांध का अधिकतम जलस्तर 830 मीटर है। जिस तेजी से टिहरी, उत्तरकाशी में भारी बारिश हो रही है, उसे देखते हुए टिहरी बांध का जलस्तर अधिकतम जल स्तर से बहुत ज्यादा बढ़ने का अंदेशा है। इस समय टिहरी बांध से देवप्रयाग, ऋषिकेश और हरिद्वार के लिए सात हजार 350 क्यूसेक जल छोड़ा जा रहा है।
इस समय हरिद्वार में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से दो मीटर नीचे है। हरिद्वार में आज गंगा नदी का जलस्तर 292 मीटर था। जबकि गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 294 मीटर निर्धारित किया गया है। हरिद्वार और टिहरी के जिलाधिकारियों ने इन दोनों जिलों के गंगा के तट के पास रह रहे निवासियों को बाढ़ की चेतावनी दे गई है। इन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है।