Uphaar cinema fire tragedy case: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 1997 के उपहार सिनेमा आग त्रासदी मामले में सुनवाई के दौरान देरी से कोर्ट पहुंचने पर रियल एस्टेट के दिग्गज कारोबारी सुशिल अंसल को चार घंटे तक कोर्ट रूम में बैठने की सजा सुनाई। सुशिल कोर्ट में 15 मिनट देरी से पहुंचे थे। कोर्ट ने अब इस मामले पर 30 मार्च को सुनवाई करने का आदेश दिया। सुशिल के खिलाफ अदालत ने पेशी पर न पहुंचने के चलते गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्लू) जारी किया था।

26 मार्च को मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट दीपक शेरावत ने उपहार सिनेमा के मालिक सुशील और उनके भाई गोपाल अंसल के खिलाफ कोर्ट में न पेश होने पर एनबीडब्ल्यू जारी किया और उन्हें गुरुवार को पेश होने के लिए कहा गया था। कोर्ट में गोपाल समय पर आ गए लेकिन सुशिल 15 मिनट देरी से पहुंचे। सुशिल की इस हरकत से जज नाराज हो गए और उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट को रद्द करने से इंकार कर दिया और उन्हें आदेश दिया कि वे चार घंटे तक अदालत में बैठे रहें। जज ने कहा “तुम्हारे खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद तुम समय पर नहीं आए।”

सुनवाई के दौरान, सरकारी वकील ने कहा “सुशील अंसल स्पेशल स्टेटस का कुछ ज्यादा ही आनंद ले रहे हैं। एनबीडब्ल्यू के बावजूद, वह समय पर नहीं आए।” बता दें कोर्ट ने सबूतों से छेड़छाड़ के मामले में दोनों भाइयों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।