आर्मी डे रिहर्सल के दौरान बड़ा हादसा होने से बालबाल बच गया। जवानों के हेलिकॉप्टर से रस्सी के सहारे उतरने के दौरान यह वाकया हुआ। इस घटना में तीन जवानों के घायल होने की खबर है। घटना का वीडियो भी सामने आ गया है। देश की राजधानी दिल्ली में इन दिनों आर्मी डे के अलावा गणतंत्र दिवस को लेकर सेना के तीनों अंगों के अलावा विभिन्न अर्धसैनिक बलों के जवान भी रिहर्सल कर रहे हैं। आर्मी डे 15 जनवरी को मनाया जाता है, जबकि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। जानकारी के मुताबिक, सेना के जवान इन दिनों सेना दिवस के मौके पर होने वाले परेड के लिए रिहर्सल कर रहे हैं। इस मौके पर जवान विभिन्न क्षेत्रों में अपने कौशल का परिचय देते हैं।
यह दुर्घटना एयर ड्रॉप को लेकर किए किए जा रहे अभ्यास के दौरान हुआ। दरअसल, सेना के जवान उड़ान के दौरान एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर (एएलएच) से रस्सी के जरिये नीचे उतरने का रिहर्सल कर रहे थे। उसी दौरान रस्सी के टूटने से तीन जवान अचानक जमीन पर गिर पड़े। सेना ने एक बयान जारी कर इस घटना में तीन जवानों के घायल होने की बात कही है। सेना के मुताबिक, यह हादसा 9 जनवरी की है। सभी जवानों के सुरक्षित होने की बात भी कही गई है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है, ताकि घटना के कारणों का पता चल सके।
This is horrifying. A video doing the rounds about an apparent accident during Army parade day rehearsal.
Rope slips off an ALH during slithering operation. Several injuries.
Cross checking. pic.twitter.com/vy0zJL586I
— Manu Pubby (@manupubby) January 10, 2018
3 jawans injured on 9th January 2018 during practice for Army Day. The incident occurred due to helicopter boom malfunction. All the 3 jawans are safe. Investigation is underway: Indian Army
— ANI (@ANI) January 11, 2018
मालूम हो कि लेफ्टिनेंट जनरल केएम. करियप्पा ने 15 जनवरी, 1949 में ब्रिटिश जनरल सर फ्रांसिस बुचर से कमान ली थी। इसके बाद से सेना की कमान भारतीयों के हाथ में आ गया था। इस ऐतिहासिक पल की याद में हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस के तौर पर मनाया जाता है। जनरल फ्रांसिस भारत में ब्रिटेन के अंतिम कमांडर-इन-चीफ थे। यह हादसा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा निर्मित ध्रुव श्रेणी के एएलएच में हुई है। इसका इस्तेमाल विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाता है। एएलएच हमले में घायल जवानों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के अलावा सुरक्षाबलों को ऑपरेशनल एरिया तक पहुंचाने में भी मददगार है। भारत के दूर-दराज वाले क्षेत्रों में तैनात जवानों तक मदद पहुंचाने में भी यह बेहद कारगर है।
