Maharashtra News: महायुति के सहयोगी भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के बीच मंगलवार को फिर से तनातनी देखने को मिली। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद रक्षा खडसे ने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के कार्यकर्ता जलगांव जिले के मुक्ताईनगर विधानसभा क्षेत्र में लोगों को धमका रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मुक्ताईनगर, जो कभी शांत था, अब हिंसा का केंद्र बन गया है। अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं और गुंडे नियमित रूप से लोगों को धमका रहे हैं और परेशान कर रहे हैं। लड़कियां अब सुरक्षित नहीं हैं और महिलाएं और बच्चे डर के साये में जी रहे हैं। यहां तक कि मेरी बेटी को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ा है।”

वे गुंडों की तरह काम कर रहे- केंद्रीय मंत्री

रक्षा खड़से ने आगे कहा, “एक मां, बेटी, बहन, निवासी और सांसद होने के नाते, इन चिंताओं को उठाना मेरा संवैधानिक कर्तव्य है।” रावेर की सांसद ने दावा किया कि एकनाथ शिंदे खेमे द्वारा धूर्त व्यवसायों में शामिल लोगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “वे गुंडों की तरह काम कर रहे हैं और लोगों पर दबाव बढ़ा रहे हैं।” खडसे ने बताया कि मुक्ताईनगर पारंपरिक रूप से बीजेपी का गढ़ रहा है और याद दिलाया कि उनके ससुर, वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे ने कई बार यह सीट जीती थी। हालांकि, 2024 के विधानसभा चुनावों में शिवसेना के चंद्रकांत पाटिल ने इस सीट पर कब्जा कर लिया।

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चुनाव बाद सुलझा लिए जाएंगे मतभेद- बावनकुले

वहीं, महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मंगलवार को कहा कि महायुति गठबंधन आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में 51 प्रतिशत से ज्यादा वोट शेयर के साथ सीटें जीतेगा। उन्होंने कहा कि अगर सहयोगियों के बीच कोई मतभेद हैं, तो वे परिणामों के बाद सुलझा लिए जाएंगे। राज्य में 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों के चुनाव 2 दिसंबर को होंगे, जबकि परिणाम 3 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे। नगर निगम चुनाव जनवरी 2026 में होने की उम्मीद है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता बावनकुले ने कहा कि जहां भी महायुति के घटक गठबंधन के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं, वहां मतदाताओं में भारी उत्साह है। सत्तारूढ़ गठबंधन में बीजेपी, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी शामिल हैं।