पासपोर्ट विवाद में सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आयीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पक्ष में अब उनके पति स्वराज कौशल भी आ गए हैं। स्वराज कौशल ने एक ट्वीट कर अपनी पत्नी की तारीफ की और उनकी आलोचना करने वाले सोशल मीडिया यूजर्स के करारा जवाब दिया। बता दें कि एक यूजर ने पासपोर्ट विवाद में सुषमा स्वराज की आलोचना करते हुए स्वराज कौशल को टैग कर ट्वीट किया कि जब वह घर आएं तो आप उन्हें पीटते क्यों नहीं। उन्हें सबक सिखाइए कि वह मुस्लिमों को समर्थन ना करें क्योंकि मुस्लिम कभी भी भाजपा को वोट नहीं देंगे।
इस यूजर के ट्वीट पर स्वराज कौशल काफी निराश दिखे और उन्होंने इस यूजर को रिट्वीट करते हुए लिखा कि “आपके शब्दों से हमें बहुत दुख पहुंचा है। ये बात मैं आपके साथ शेयर करना चाहता हूं कि मेरी माताजी का 1993 में कैंसर के कारण निधन हो गया था। सुषमा उस वक्त एक सांसद और पूर्व शिक्षा मंत्री थी। इसके बावजूद वह अस्पताल में करीब 1 साल रहीं। उन्होंने मेडिकल अटेंडेंट की मदद लेने से इंकार कर दिया था और मेरी मरती हुई मां की खुद सेवा की थी।” अपने एक दूसरे ट्वीट में स्वराज कौशल ने लिखा कि “परिवार के प्रति उनका ऐसा समर्पण है। मेरे पिता की इच्छा अनुसार, उन्होंने मेरे पिता की चिता को मुखाग्नि दी थी। हम उन्हें (सुषमा स्वराज) पूजते हैं। कृप्या उनके लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल ना करें। कानून और राजनीति के क्षेत्र में यह हमारी पहली पीढ़ी है। हमें उनके जीवन से ज्यादा कुछ नहीं चाहिए। कृप्या अपनी पत्नी को मेरी तरफ से शुभकामनाएं दीजिएगा।”
— Governor Swaraj (@governorswaraj) 30 June 2018
Your words have given us unbearable pain. Just to share with you, my mother died of cancer in 1993. Sushma was an MP and a former Education Minister. She lived in the hospital for a year. She refused to engage a medical attendant and attended on my dying mother personally. /1 https://t.co/b4iwIUx0SA
— Governor Swaraj (@governorswaraj) 1 July 2018
Such was her devotion to the family. As per my father’s wish, she lit my father’s pyre. We adore her. Please do not use such words for her. We are first generation in law and politics. We pray for nothing more than her life. Pls convey my profound regards to your wife. /2
— Governor Swaraj (@governorswaraj) 1 July 2018
बता दें कि बीते दिनों लखनऊ के पासपोर्ट कार्यालय के अधिकारी ने एक दंपत्ति को धर्म के मुद्दे पर नाराजगी जताते हुए पासपोर्ट जारी करने से इंकार कर दिया था। बाद में यह विवाद जब बढ़ा तो उक्त अधिकारी का ट्रांसफर कर दिया गया था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर सुषमा स्वराज पर मुस्लिमों का समर्थन करने के आरोप लगे थे। विदेश दौरे से भारत वापस लौटने के बाद सुषमा स्वराज ने उन्हें ट्रोल करने वाले ट्वीट्स को रिट्वीटभी किया था।
