29 सितंबर को सर्जिकल स्ट्राइक दिवस मनाने के लिए मोदी सरकार की तैयारियां जोरों पर हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने भी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से कहा है कि वे सर्जिकल स्ट्राइक दिवस मानाएं। यूजीसी के सचिव प्रोफेसर रजनीश जैन के द्वारा जारी निर्देश के मुताबिक विश्वविद्यालय और कॉलेज सर्जिकल स्ट्राइक दिवस के मौके पर पूर्व सैन्य अधिकारियों को बुलाकर बैठक करेंगे जो छात्रों को सीमा की सुरक्षा करने वाले सशस्त्र बालों के त्याग के बारे में संवेदनशील बनाएंगे। छात्रों को निर्देश दिया गया है कि वे सशस्त्र बलों को पत्र और कार्ड लिखते हुए उन्हें समर्थन देने की कसम खाएं, पत्रों को हाथ से या डिजिटल फॉर्मेट में लिखा जा सकता है। छात्रों के पत्रों को रक्षा और प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) के पब्लिक रिलेशनशिप ऑफिसर (पीआरओ) से साझा किया जाएगा जोकि सभी मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया पर उनका प्रचार करेंगे। हाथ से लिखे गए पत्रों तो नजदीक के छावनी क्षेत्र में जाकर भी दिया जा सकता है या फिर छात्रों के साथ बैठकों में शामिल होने वाले सैन्य अधिकारियों को भी दिया जा सकता है। छात्रों को तस्वीरों का भी विकल्प दिया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने रक्षा मंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय और कार्मिक मंत्रालय को सर्जिकल दिवस समारोह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए देश के कोने-कोने में इसे पहुंचाने के लिए कहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक देश भर में स्कूलों समेत करीब एक हजार शिक्षण संस्थान सर्जिकल स्ट्राइक दिवस पर कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे। दिल्लीवालों के लिए बड़ा आर्कषण का केंद्र यहां का इंडिया गेट रहेगा। ऐसी खबरें है कि दो वर्ष पूर्व अंजाम दी गई सर्जिकल स्ट्राइक में जिन हथियारों का इस्तेमाल किया गया था, 28 से 30 सितंबर तक इंडिया गेट पर उनकी प्रदर्शनी लगेगी। इन हथियारों को लोग करीब से देख सकेंगे।
University Grants Commission (UGC) issues circular to vice chancellors of all universities, provides list of activities which maybe undertaken on 29th September following Govt of India's decision to celebrate it as 'Surgical Strike Day'. pic.twitter.com/eJ3PxCRdFY
— ANI (@ANI) September 21, 2018
लोगों के लिए एक एक सेल्फी प्वॉइंट भी होगा, जहां वे भारतीय सेना के जवान के कटआउट में अपने चेहरे के साथ तस्वीर ले सकेंगे। लोगों को हथियारों से लैस जवानों के साथ भी तस्वीरें खिंचाने का मौका दिया जाएगा। राजनीतिक जानकारों के धड़े से यह बात सामने आ रही है कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार सर्जिकल स्ट्राइक दिवस को जोरशोर से मनाकर देश में राष्ट्रवाद की भावना को हवा देकर इसे अपने पक्ष में भुनाना चाहती है।
कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने यूजीसी सर्कुलर पर आपत्ति जताई है। सिब्बल ने कहा, ”यह बिल्कुल चौंकाने वाला है। वास्तव में, मुझे याद नहीं कि आजादी के बाद से हमने देखा हो कि यूजीसी ने इस प्रकार का निर्देश विश्वविद्यालयों को दिया हो। यूजीसी के लिए यही कहूंगा कि इस तरह के निर्देश देना विश्वविद्यालय प्रणाली की स्वतंत्रता को बर्बाद करना है।”
मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने यूजीसी के सर्कुलर के बारे में स्पष्ट किया है कि उन कॉलेजों से कार्यक्रम करने के लिए कहा गया है जो इसे करना चाहते हैं और पूर्व सैन्य अधिकारियों के कार्यक्रम की व्यवस्था कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व सैन्य अधिकारी छात्रों को बताएंगे कि सेना कैसे देश की रक्षा करती है और सर्जिकल स्ट्राइक को कैसे अंजाम दिया गया था। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने संस्थानों और छात्रों के लिए यह अनिवार्य नहीं किया है। कार्यक्रम के लिए इसलिए कहा गया क्योंकि कई छात्रों और शिक्षकों से सुझाव आ रहे थे कि वे दूसरा सर्जिकल स्ट्राइक दिवस मनाना चाहते हैं।
