सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस अरुण मिश्रा शुक्रवार (18 जनवरी) को सुप्रीम कोर्ट में दो नए जजों के शपथ ग्रहण समारोह में किसी तरह बहुत कठिनाई से पहुंच सके क्योंकि रास्ते में बहुत जाम था। धुंध और गणतंत्र दिवस की परेड की रिहर्सल की वजह से नई दिल्ली इलाके में कई जगहों पर भारी ट्रैफिक जाम था। जब जस्टिस मिश्रा कोर्टरूम पहुंचे तो उन्होंने दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ते खतरनाक स्तर पर एक याचिका की सुनवाई की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वो अब दिल्ली में नहीं रहेंगे। जस्टिस मिश्रा ने कहा कि दिल्ली गैस चैंबर बन गई है।

जस्टिस मिश्रा ने कहा कि पहले वो दिल्ली के प्रति बहुत आकर्षित थे लेकिन यहां जाम की समस्या और प्रदूषण के बढ़ते स्तर से चिंतित हैं और रिटायरमेंट के बाद अब वो दिल्ली में नहीं रहेंगे। याचिका की सुनवाई करते हुए जज ने दिल्ली सरकार से दिल्ली-मेरठ को जोड़ने वाली रैपिड रेल परिवहन प्रणाली के बारे में 10 दिनों के अंदर कोर्ट को रिपोर्ट देने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि इस बारे में 1 फरवरी को कोर्ट को सूचित करें कि इस बारे में क्या काम हुआ। कोर्ट ने दिल्ली सरकार से राष्ट्रीय राजधानी में पार्किंग नीति के बारे में भी 1 फरवरी को रिपोर्ट तलब किया है।

बता दें कि गुरुवार (17 जनवरी) को राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता बहुत खराब (एक्यूआई 411) रिकॉर्ड की गई थी। वायु में पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर भी बहुत अधिक था। दिल्ली के लोधी गार्डन में PM 2.5 400 के पार पहुंच चुका था। एक्यूआई 100 से ऊपर होना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है। बता दें कि अक्टूबर 2018 से अबतक दिल्ली और आसपास में दो करोड़ लोग प्रदूषण की वजह से सांस की तकलीफ की शिकायत दर्जा करा चुके हैं।