लोकपाल की नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट प्रशांत भूषण को नसीहत दी कि हरेक पहलू को निगेटिव नजरिए से नहीं देखा करें। सीजीआई ने कोर्टरूम में कहा, “चीजों को सकारात्मक रूप से देखें, तब दुनिया एक बेहतर जगह दिखेगी। हम दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं।” प्रशांत भूषण ने याचिका के जरिए लोकपाल की सर्च कमेटी के कामकाज पर संदेह जताया था। कोर्ट से भूषण ने पूछा, सर्च कमेटी कैसे काम करेगी?
इस पर CJI ने कहा, “आपके संदेह का कारण क्या है? चीजों को सकारात्मक रूप से देखें, दुनिया एक बेहतर जगह होगी। कल से ही इसकी कोशिश करें।” इस पर प्रशांत भूषण ने फिर सवाल किया, “लेकिन हम नहीं जानते कि क्या हो रहा है?” तब CJI रंजन गोगोई ने कहा, “आप सब कुछ जानते हैं मिस्टर भूषण। कम से कम जजों से ज्यादा।” पत्रकार उत्कर्ष आनंद ने कोर्टरूम में हुई बातचीत का विवरण अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने सर्च कमेटी से भी अनुरोध किया कि लोकपाल और उसके सदस्यों के नामों को शॉर्टलिस्ट करने का काम फरवरी के अंत तक पूरा कर ले और चयन समिति के विचार के लिए नामों का एक पैनल प्रस्तुत करें। कोर्ट ने केंद्र सरकार से भी सर्च कमेटी के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराएं ताकि वो समय पर अपना टास्क पूरा कर सके। बता दें कि पिछले साल सितंबर में सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में आठ सदस्यों वाली एक सर्च कमेटी बनाई गई थी। ताकि लोकपाल का गठन हो सके लेकिन अभी तक इस कमेटी की एक भी बैठक नहीं हो सकी है। इसके खिलाफ ‘कॉमन काउज’ नाम की एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। अब कोर्ट 7 मार्च को लोकपाल की नियुक्त के लिए दायर की गई याचिका पर सुनवाई करेगा। बता दें कि लोकपाल और लोकायुक्त एक्ट, 2014 में पारित होने के बाद से ही किसी न किसी कारण से अब तक लागू नहीं हो पाया है।

