कपड़ा मंत्रालय में मंत्री बनाई गईं स्मृति ईरानी की अपने मंत्रालय के लोगों से बन नहीं रही है। मिली जानकारी के मुताबिक, ईरानी जिन्हें कपड़ा मंत्रालय का मंत्री बने अभी दो महीने का ही वक्त बीता है उनकी वरिष्ठ नौकरशाह रशमी वर्मा से कहासुनी हो गई है। बात इतनी आगे बढ़ गई कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को बीच में दखल देनी पड़ी। इंडियन एक्सप्रेस को मिली जानकारी के मुताबिक, स्मृति ने पिछले दो दिनों में दो दर्जन से ज्यादा नोट्स रशमी को भेज दिए हैं। इनमें मंत्रालय से जुड़ी कुछ जरूरी बातों का जवाब मांगा गया है। खबर के मुताबिक,स्मृति इस बात से नाराज हैं कि सारी फाइल रशमी के पास से होकर उन तक पहुंचती हैं।

इसके साथ ही दोनों के बीच कई और बातों को लेकर भी मतभेद हैं। अक्टूबर में मंत्रालय की तरफ से एक ‘टेक्सटाइल समित’ करवाया जाना है। इसके लिए केंद्र सरकार की तरफ से 6 हजार करोड़ रुपए दिए जा रहे हैं। इस मुद्दे पर भी स्मृति और रशमी के बीच मतभेद है। ईरानी और रशमी की अधिकारियों के सामने भी कहा-सुनी हुई थी।हालांकि, जब रशमी से इस बारे में बात की गई तो उन्होंने किसी भी तरह का मतभेद होने से इंकार किया।

रशमी 1982 बिहार केडर की आईएएस ऑफिसर हैं। इसके साथ ही वह कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा की बहन भी हैं। उन्हें दिसंबर में कपड़ा मंत्रालय में लगाया गया था। वहीं स्मृति ईरानी को 5 जुलाई को हुए कैबिनेट फेरबदल में मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD) से हटाकर कपड़ा मंत्रालय दिया गया था। प्रकाश जावड़ेकर को स्मृति की जगह HRD मंत्रालय सौंपा गया है। स्मृति इससे पहले भी कई विवादों में फंस चुकी हैं।

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