Voter List SIR: देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण यानी एसआईआर का काम चल रहा है, इसमें से एक गोवा भी है। यहां देश के पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश और उनकी पत्नी को चुनाव आयोग की तरफ नोटिस मिला है। आयोग की तरफ से पूर्व नेवी चीफ से कहा गया है कि वे अपनी पहचान पुष्ट करने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज उपलब्ध कराएं।

एडमिरल अरुण प्रकाश रिटायरमेंट के बाद गोवा में ही रहते है। एडमिरल प्रकाश एक सम्मानित युद्ध अनुभवी और वीर चक्र विजेता हैं। उन्हें अनमैप्ड (unmapped) श्रेणी के तहत चिह्नित किया गया है। एडमिरल प्रकाश ने बताया कि मेरी पत्नी और मुझे दो अलग-अलग तारीखों पर चुनाव आयोग के अधिकारियों के सामने पेश होने के लिए कहा गया है, और हम उनके अनुरोध का पालन करेंगे। हालांकि, नोटिस की भाषा काफी जटिल और समझने में कठिन है।

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चुनाव आयोग के नोटिस में क्या-क्या?

एडमिरल अरुण प्रकाश को पिछले हफ्ते नोटिस मिला था। इस नोटिस में कहा गया, “आपके विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) चल रहा है। आपका विधिवत हस्ताक्षरित प्रगणन फॉर्म (enumeration form) प्राप्त हो गया है। जांच के बाद यह पाया गया है कि आपने अपने या अपने रिश्तेदार से संबंधित वे विवरण नहीं भरे हैं जिससे पिछले SIR के दौरान तैयार की गई मतदाता सूची में आपकी या आपके रिश्तेदार की पहचान एक पंजीकृत मतदाता के रूप में स्थापित हो सके।”

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‘हमें 18KM दूर जाना होगा’

उन्होंने कहा कि एक बूथ स्तर के अधिकारी (BLO) ने उनके यहां तीन बार दौरा किया था और वह अतिरिक्त जानकारी मांग सकते थे। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि SIR फॉर्म आवश्यक जानकारी प्राप्त करने में सक्षम नहीं हैं, तो उनमें सुधार किया जाना चाहिए। उन्होंने अपनी पोस्ट में @ECIVEEP को टैग करते हुए कहा कि यदि SIR फॉर्म आवश्यक जानकारी नहीं निकाल पा रहे हैं, तो उन्हें संशोधित किया जाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि हम 82/78 वर्ष के वृद्ध दंपत्ति हैं और हमें 18 किमी दूर दो अलग-अलग तारीखों पर पेश होने के लिए कहा गया है।

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चुनाव आयोग ने क्या दिए तर्क?

नाम न छापने की शर्त पर एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि नोटिस इसलिए दिया गया क्योंकि 2002 की मतदाता सूची में उनका कोई रिकॉर्ड नहीं मिला, जब गोवा में पिछला SIR अभ्यास आयोजित किया गया था। प्रगणन फॉर्म में कुछ विवरण नहीं भरे गए थे, इसलिए नोटिस जारी किया गया। गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) संजय गोयल ने इस मामले पर टिप्पणी के अनुरोधों का कोई जवाब नहीं दिया।

इससे पहले पिछले हफ्ते, दक्षिण गोवा के सांसद विरियातो फर्नांडिस को भी चुनाव आयोग से एक नोटिस मिला था, जिसमें उन्हें मतदाता सूची में अपना नाम बनाए रखने के लिए अपनी पहचान साबित करने हेतु दस्तावेज जमा करने के लिए कहा गया था।

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