शिवसेना ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि क्या वह चीन पर सर्जिकल स्ट्राइक करने की मंशा रखती है। शिवसेना ने लद्दाख में चीनी सेना की घुसपैठ की खबरों के संदर्भ में यह सवाल किया है। भाजपा की सहयोग पार्टी ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा, ”पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक पर हमें काफी गर्व है। हालांकि पाकिस्तान में जो कुछ हुआ क्या ऐसी ही सर्जिकल स्ट्राइक चीन में भी होगी।” सामना के संपादकीय में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर पर भी निशाना साधा गया और उन्हें बड़बोला कहा गया। इसमें लिखा है, ”हमारे बड़बोले रक्षा मंत्री को यह साफ करना चाहिए कि हमारे सैनिकों ने चीनी घुसपैठ पर क्या कार्रवाई की। पाकिस्तान को केवल धमकी देने से कुछ नहीं होगा, चीनी सीमा की सुरक्षा करना भी रक्षा मंत्री की जिम्मेदारी है। हालांकि जब वे रैलियों में पाकिस्तान के बारे में बात करते हैं तो लोग ताली बजाने को तैयार रहते हैं। यह समय है कि हम तालियों की राजनीति से खुद को ऊपर उठाए और देश की सुरक्षा पर ध्यान दें।”
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संपादकीय में साथ ही कहा गया कि वर्तमान शासन अन्य सीमाओं को दांव पर लगा केवल पाकिस्तान सरहद पर ध्यान दे रही है। इसमें लिखा है, ”हमें चीन से लगती सीमा पर चौकस रहने की जरूरत है। हम पाकिस्तान को एक इंच जमीन भी नहीं देने की बात करते हैं और दूसरी ओर चीन के लेह, लद्दाख और अरुणाचल में अंदर तक घुसपैठ के बारे में कुछ नहीं बोलते। यह ठीक नहीं है।” शिवसेना का भाजपा से तालमेल हाल के दिनों में ठीक नहीं रहा है। दोनों के बीच कई बार तनातनी हो चुकी है। शिवसेना पहले भी सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साध चुकी है। भाजपा और शिवसेना ने महाराष्ट्र के निकाय चुनावों को अलग-अलग लड़ने का फैसला किया है।
