नरमपंथी हुर्रियत कांफ्रेंस के प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक ने बुधवार को भारत और पाकिस्तान से युद्धोन्माद से बचने की अपील करते हुए कहा कि युद्ध समूचे क्षेत्र के लिए एक त्रासदी होगी। अपने आवास में संवाददाता सम्मेलन करने से अधिकारियों द्वारा रोक दिए गए मीरवाइज ने कहा कि सिर्फ वार्ता ही आगे की राह है। हुर्रियत नेता ने कहा कि नेतृत्व और कश्मीर के अवाम ने भारत और पाकिस्तान से स्थिति को नहीं भड़काने और युद्धोन्माद से दूर रहने का अनुरोध किया है क्योंकि यह समूचे क्षेत्र के लिए एक त्रासदी होगा।
हम दोनों सरकारों से अनुरोध करते हैं अतीत में भी युद्ध ने उनके बीच मुद्दों का हल नहीं किया है और सिर्फ एक दूसरे से बातचीत करना ही आगे का रास्ता है। अलगाववादियों पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की छापेमारी का जिक्र करते हुए हुर्रियत नेता ने कहा कि कश्मीर के उस पार निरंकुश शासन ने गंभीर माहौल बनाया है। अधिकारियों के मुताबिक एनआईए ने मीरवाइज जैसे अलगाववादी नेताओं के परिसरों पर छापा मारा था। जम्मू-कश्मीर में आतंकी और अलगावादी संगठनों को धन मुहैया किए जाने से जुड़े एक मामले में यह कार्रवाई की गई।
जांच एजेंसी ने बताया कि उसने मीरवाइज के आवास से हाईटेक इंटरनेट संचार सेटअप बरामद किया गया है।अलगाववादी नेता ने बुधवार को दावा किया कि उन्हें जब्त की गई चीजों की रसीद नहीं सौंपी गई, जैसा कि छापों के बाद कानून के तहत जरूरी है। वहीं, हाईटेक इंटरनेट संचार उपकरण के बारे में हुर्रियत नेता ने कहा, ‘‘यह असल में एक निजी कंपनी की सामान्य इंटरनेट लीज लाइन है, जिसका इस्तेमाल अच्छी और निर्बाध इंटरनेट सेवा के लिए कार्यालयों और घरों में किया जाता है। बता दें कि इस छापेमारी में जांच एजेंसी की टीम ने प्रॉपर्टी से जुड़े कुछ कागज, बैंक डिटेल्स भी बरामद किया था। इससे पहले केंद्र सरकार ने घाटी के कई अलगाववादी नेताओं को मिली सुरक्षा अन्य सुविधाएं भी वापस ले ली थी।
