सारदा घोटाले में आरोपी व केंद्र में मंत्री रह चुके कांग्रेस नेता मतंग सिंह की गिरफ्तारी में अड़ंगा लगाने की कथित कोशिश के मुद्दे पर पैदा हुए विवाद के बाद केंद्रीय गृह सचिव अनिल गोस्वामी को बुधवार को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। साल 1979 बैच के केरल कैडर के आइएएस अधिकारी और अभी ग्रामीण विकास सचिव के पद पर तैनात एलसी गोयल को कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने दो साल की अवधि के लिए नया गृह सचिव नियुक्त किया है। देर रात हुई एक आधिकारिक घोषणा के मुताबिक उनका कार्यकाल उनके पदभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगा।
साल 1978 बैच के जम्मू-कश्मीर कैडर के अधिकारी गोस्वामी को जब इस्तीफा देने के लिए कहा गया तो उन्होंने तत्काल प्रभाव से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति देने का अनुरोध किया और सरकार ने उनका अनुरोध मान लिया। घोषणा के मुताबिक, ‘अनुरोध मान लिए जाने के बाद अब गृह सचिव के तौर पर गोस्वामी के कार्यकाल में तत्काल प्रभाव से कटौती हो गई है।’
गोस्वामी को यूपीए सरकार ने 2013 में गृह सचिव नियुक्त किया था। वे पिछले महीने 60 साल के हुए थे और उनका कार्यकाल 30 जून तक था। विदेश सचिव पद से सुजाता सिंह को हटाए जाने के बाद पिछले एक हफ्ते में यह दूसरे शीर्ष नौकरशाह को हटाए जाने की घटना है। सुजाता ने जब पद से इस्तीफा देने से इनकार किया था तो उनकी सेवा में कटौती कर दी गई थी। पूर्व विदेश सचिव के खिलाफ किसी कदाचार का आरोप तो नहीं था लेकिन बताया जाता है कि सरकार मंत्रालय में उनकी अगुआई से खुश नहीं थी।
गोस्वामी को पद पर बनाए रखना उस वक्त मुश्किल हो गया जब उन्होंने गृह मंत्री राजनाथ सिंह के समक्ष माना कि उन्होंने शनिवार को कोलकाता में मतंग सिंह की गिरफ्तारी से पहले सीबीआइ अधिकारियों से बात की थी। मतंग सिंह की गिरफ्तारी में गोस्वामी के दखल से सीबीआइ नाखुश थी। एजंसी ने इस मुद्दे पर गोस्वामी और सीबीआइ के एक संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी के बारे में पीएमओ को एक रिपोर्ट दी थी।
मंगलवार को दिल्ली पहुंचे राजनाथ ने गोस्वामी से बात की थी। गोस्वामी ने बातचीत में कबूल किया कि उन्होंने सारदा घोटाले की जांच कर रहे अधिकारियों को सिंह की गिरफ्तारी के मामले में फोन किया था। मंत्री ने मंगलवार रात इस मुद्दे के बारे में प्रधानमंत्री को बताया था। बुधवार को उन्होंने सीबाआइ निदेशक अनिल सिन्हा के साथ बैठक के बाद गोस्वामी को मुलाकात के लिए बुलाया।
दोनों अधिकारियों ने गृह मंत्री से अपनी मुलाकात के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। साल 1978 बैच के जम्मू-कश्मीर कैडर के अधिकारी गोस्वामी को यूपीए सरकार ने 2013 में गृह सचिव के पद पर नियुक्त किया था। बताया जाता है कि गोस्वामी असम के विवादित नेता मतंग सिंह के काफी करीब थे। मतंग सिंह पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में गृह राज्य मंत्री के पद पर थे।
