काला हिरण शिकार मामले में जोधपुर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) देव कुमार खत्री की अदालत ने सलमान खान को दोषी करार देते हुए पांच साल की सजा सुनाई है। हालांकि, उनके साथ आरोपी बनाए गए अभिनेता सैफ अली खान, अभिनेत्री तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम को बरी कर दिया गया है। 20 साल पुराने इस केस में फैसला आने के बाद अब सलमान के वकीलों ने उन्हें जेल से बाहर निकालने के लिए कोशिशें तेज कर दी हैं। सलमान के वकीलों ने आज ही जोधपुर की सेशंस कोर्ट में निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील दायर कर दी है और जमानत की अर्जी दी है लेकिन कोर्ट इस पर आज सुनवाई नहीं कर सका। अब सलमान आज की रात जोधपुर सेंट्रल जेल में ही गुजरेंगे।

अगर सेशंस कोर्ट कल सलमान खान की याचिका पर सुनवाई करता है और कल ही जमानत देता है तभी सलमान खान जोधपुर सेंट्रस जेल से बाहर आ सकते हैं। सेशंस कोर्ट कल सुबह करीब 10.30 बजे सलमान की जमानत अर्जी पर सुनवाई करेगा। अगर जोधपुर की सेशंस कोर्ट ने शुक्रवार को सलमान खान को जमानत नहीं दिया तो सलमान को कम से कम तीन दिन और जेल में गुजारने पड़ेंगे क्योंकि सेशंस कोर्ट के फैसले के खिलाफ सलमान को जोधपुर में ही राजस्थान हाईकोर्ट की बेंच में अपील करना होगा। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद ही सलमान खान जेल से बाहर आ सकेंगे। इस बीच सलमान खान के वकील ने अपने मुवक्किल की जान को जोधपुर जेल में खतरा बताया है।

बता दें कि कांकाणी काला हिरण शिकार केस 2 अक्टूबर, 1998 का है, जब फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान कांकणी गांव की भगोड़ा की धानी में दो काले हिरणों का शिकार किया गया था। विश्नाई समाज के लोगों ने इस घटना के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। सलमान खान को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धारा 51 के तहत दोषी करार दिया गया है और सजा सुनाई गई है। काले हिरण शिकार मामले में 28 मार्च को ट्रायल कोर्ट में सुनवाई पूरी कर ली गई थी, जिसके बाद जज देवकुमार खत्री ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।