Republic Day 2026: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत और चीन के संबंधों को ‘ड्रैगन और हाथी के साथ नृत्य’ के रूप में समझाया है। खास बात यह है कि इस टर्म का इस्तेमाल शी जिनपिंग दोनों देशों के रिश्तों को समझाने के लिए पहले भी कई बार कर चुके हैं।
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार शी जिनपिंग ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भारत और चीन आपसी आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ाएंगे तथा एक-दूसरे की चिंताओं को समझते हुए कूटनीतिक संबंधों में स्थिरता लाने का प्रयास करेंगे।
चार साल तक तनावपूर्ण रहे हैं रिश्ते
शी जिनपिंग की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारत और चीन के संबंधों में धीरे-धीरे सुधार देखा जा रहा है। वर्ष 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद दोनों देशों के रिश्ते लगभग चार वर्षों तक तनावपूर्ण रहे। हालांकि, बाद में उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठकों के जरिए संबंधों को सामान्य बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई।
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अक्टूबर 2024 में रूस के कज़ान शहर में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात ने रिश्तों की बहाली का मार्ग प्रशस्त किया। इसी दौरान दोनों देशों ने सीमा पर जारी गतिरोध समाप्त करने पर सहमति जताई थी।
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एस जयशंकर ने किया था चीन का दौरा
इसके अलावा विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने चीन का दौरा किया और कहा कि सीमा से जुड़े मुद्दों, विशेष रूप से सैन्य तनाव कम करने के लिए, दोनों देशों को द्विपक्षीय संबंधों में हुई “अच्छी प्रगति” को आगे बढ़ाना चाहिए।
भारत-चीन संबंधों के वापस पटरी पर लौटने की दिशा में एक अहम कदम तिब्बत में कैलाश मानसरोवर यात्रा की बहाली और दोनों देशों द्वारा वीज़ा प्रक्रिया में ढील देना रहा। हाल ही में भारत और चीन के बीच सीधी उड़ानों की भी दोबारा शुरुआत हुई है। बचपन का सपना, वर्दी का सम्मान: पहली बार महिला अधिकारी करेंगी RVC का नेतृत्व
