26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस (Republic Day), हर भारतीय के लिए यह दिन बेहद खास है। इसी दिन भारत का संविधान लागू हुआ था। कर्तव्यपथ पर होने वाली परेड और झांकियां लोगों का मन मोह लेती हैं। क्या आपको पता है कि गणतंत्र दिवस की पहली परेड कर्तव्यपथ (पहले राजपथ) पर नहीं हुई थी। जी हां, यह बिलकुल सही है। दिल्ली में 26 जनवरी, 1950 को पहली गणतंत्र दिवस परेड राजपथ पर न होकर इर्विन स्टेडियम में हुई थी, जिसे आज नेशनल स्टेडियम के नाम से जाना जाता है।
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद बने थे देश के पहले राष्ट्रपति
26 जनवरी 1950 को देश का संविधान लागू हुआ और डॉ. राजेन्द्र प्रसाद देश के पहले राष्ट्रपति बने। इस दिन सुबह 10:18 पर देश का संविधान लागू होने के 6 मिनट बाद यानी 10:24 पर डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने राष्ट्रपति पद के लिए शपथ ली थी। इसके बाद उन्होंने 26 जनवरी को राष्ट्रीय अवकाश के रूप में भी घोषित किया था। इस मौके पर इरविन स्टेडियम में गणतंत्र दिवस के मौके पर तिरंगा फहराया गया और उन्हें 30 तोपों की सलामी दी गई। इसके बाद से 21 तोपों की सलामी दी जाती है।
कहां मनाया गया पहला गणतंत्र दिवस
आजाद भारत ने पहली बार 26 जनवरी 1950 को अपना पहला गणतंत्र दिवस मनाया था। इस दिन देश का संविधान लागू होने पर दिल्ली में इसे मनाने की शुरुआत हुई थी। इस खास मौके पर पुराना किला के सामने स्थित इरविन स्टेडियम में पहली बार गणतंत्र दिवस की परेड आयोजित की गई थी। वर्तमान में इस जगह पर दिल्ली का चिड़ियाघर है और इरविन स्टेडियम को बाद में नेशनल स्टेडियम और अब मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम के नाम से जाना जाता है।
5 साल तक नहीं बदली जगह
1950 से लेकर 1954 तक गणतंत्र दिवस की परेड इर्विन स्टेडियम, किंग्सवे कैंप, लाल किला तो कभी रामलीला मैदान में होती रही। इसके बाद परेड के लिए राजपथ (वर्तमान कर्तव्यपथ) को चुना गया। यह परेड रायसीना हिल से राजपथ होते हुए लालकिले तक होने लगी। यह रूट करीब 5 किमी है जिसमें कई बार बदलाव हुए हैं। पहली बार गणतंत्र दिवस के आयोजन में परेड के साथ झांकियां शामिल नहीं की गई थीं। सबसे पहली बार 26 जनवरी 1953 को सेना और अन्य बलों के साथ राज्यों की झांकियों को भी परेड में शामिल किया गया। हर साल 29 जनवरी को नई दिल्ली के विजय चौक पर होने वाला बीटिंग रिट्रीट समारोह 1600 के दशक की परंपरा से जुड़ा है।
पहले गणतंत्र दिवस में कौन था मुख्य अतिथि?
पहले गणतंत्र दिवस पर प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू और गवर्नर जनरल सी राजगोपालाचारी मौजूद थे। पहले गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णो को आमंत्रित किया गया था।
