झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बागी नेता सरयू राय ने जमशेदपुर पूर्व से एक-दूसरे के खिलाफ नामांकन पत्र दाखिल किया हैं। सरयू राय रविवार तक रघुबर दास मंत्रिमंडल में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री थे। रविवार को सरयू राय ने मुख्यमंत्री के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। सरयू राय का कहना है कि वे पिछले 5 साल से प्रदेश में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठा रहे हैं लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से रविवार को इस्तीफा दे दिया।

भाजपा के बागी नेता ने कहा “मैं 5 साल से भ्रष्टाचार का मुद्दा उठा रहा हूं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बजाय मेरा टिकट रोक दिया गया था। ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई कि मुझे मुख्यमंत्री के खिलाफ खड़ा होना पड़ा।” सरयू राय सोमवार को अपने कुछ समर्थकों के साथ अपना नामांकन दाखिल करने जिला प्रशासन कार्यालय पहुंचे। राय ने नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले कहा, “यह भय व भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई है।”

राय के अपने मुख्यमंत्री के खिलाफ लड़ने का फैसला करने के बाद जमशेदपुर पूर्व सीट आकर्षण का केंद्र बन गई है। वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर लड़ रहे हैं, लेकिन उन्होंने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया है। सरयू राय ने शनिवार को पार्टी द्वारा उनका टिकट रोके जाने को लेकर नाखुशी जताई। राय ने शनिवार शाम जमशेदपुर में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा, “मैं खाली कटोरा लिए टिकट मांग रहा हूं।”

सरयू राय जमशेदपुर पश्चिम सीट से विधायक हैं और वह अपनी सरकार का कई मुद्दों पर आलोचना करते रहे हैं। रघुबर के साथ उनके संबंध बीते पांच सालों में अच्छे नहीं रहे हैं। वहीं रघुबर दास ने सोमवार को पहले पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और बाद में अपना नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए पूर्व सिंहभूम जिला प्रशासन कार्यालय पहुंचे। रघुबर दास बैठक स्थल से ही पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ नामांकन दाखिल करने के लिए जिला प्रशासन कार्यालय चले गए।