सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने के बाद अब मंदिर निर्माण की प्रक्रिया की तरफ बढ़ा जा रहा है। बुधवार को राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में आयोजित की जा रही जो कि शाम पांच बजे से शुरु हुई। बैठक ट्रस्ट के प्रमुख के. परासरण के दिल्ली आवास पर जारी है।
वहीं मीडिया में जारी खबरों की मानें तो मंदिर निर्माण पूरा होने तक रामलला बुलेटप्रूफ अस्थाई मंदिर में रहेंगे। करीब 27 साल टेंट में रहने के बाद रामलला बुलेटप्रूफ ‘कवर’ में विराजेंगे। यह अस्थाई मंदिर गर्भगृह से 150 मीटर की दूरी पर होगा। इस मंदिर में लकड़ी, फाइबर और कांच का इस्तेमाल किया जाएगा। राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी ने कहा है कि जगह को चुन लिया गया है। इंजीनियरों ने भी जगह की पड़ताल कर ली है। रामलला की मूर्तियों को इसी अस्थाई मंदिर में रखा जाएगा।
वहीं बैठक में राम मंदिर निर्माणा पर गहनत से चर्चा होगी जिसके बाद सर्वसम्मति से कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। वहीं आर्किटेक्ट आर्किटेक्ट सुधीर श्रीवास्तव का कहना है कि मंदिर निर्माणा में 2 साल से भी कम समय का वक्त लगेगा। गौरतलब है कि शीर्ष अदालत द्वारा राम मंदिर के पक्ष में फैसला देने व मंदिर निर्माण के लिए न्यास के गठन के आदेश पर पांच फरवरी को केंद्र सरकार ने ट्रस्ट का ऐलान किया था।
ट्रस्ट का प्रमुख वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरण को बनाया गया था इसके अन्य सदस्य हैं जगदगुरु शंकराचार्य, ज्योतिषपीठाधीश्वर स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज (इलाहाबाद), जगदगुरु माधवाचार्य स्वामी विश्व प्रसन्नतीर्थ जी महाराज (उडुपी के पेजावर मठ से), युगपुरुष परमानंद जी महाराज (हरिद्वार), स्वामी गोविंददेव गिरि जी महाराज (पुणे) और विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र (अयोध्या) शामिल हैं।
