दिल्ली की राजनीति में अलग ही खेल देखने को मिला है। पार्षद रामचंद्र ने 29 अगस्त को एक बार फिर आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया। चार दिन पहले वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे, तब उन्होंने कहा था कि आम आदमी पार्टी का हाई कमान उनकी बातें नहीं सुनता। लेकिन मात्र कुछ दिनों के अंदर में ही उनका ऐसा हृदय परिवर्तन हुआ कि अब वे केजरीवाल की तारीफ कर रहे हैं और मनीष सिसोदिया और संजय सिंह का समर्थन करने का ऐलान कर रहे हैं।
4 दिन में राम चंद्र का कैसे बदला दिल?
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए रामचंद्र ने कहा कि असल में कल रात को हमारे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सपने में आए थे, उन्होंने मुझे फटकार लगाई और कहा कि रामचंद्र उठ जाओ और जाकर मनीष सिसोदिया, गोपाल राय, संदीप पाठक से मुलाकात करो, अपने इलाके में जाकर वहां पर कार्यकर्तओं से मिलो और अपना कम करो।
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उस एक फटकार ने मुझे अहसास दिलवा दिया कि मैंने गलत फैसला लिया। इस वजह से मैं पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और संजय सिंह से मिला और फिर पार्टी में वापस आने का फैसला किया। वैसे आप पार्षद सिर्फ यही पर नहीं रुके, उनकी तरफ से और भी मुद्दों पर सफाई पेश की गई।
बीजेपी ने गुमराह किया- AAP पार्षद
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए रामचंद्र ने यहां तक कहा कि कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह जरूर कर दिया था, लेकिन अब वे किसी के भी बहकावे में नहीं आने वाले। मैं तो आदमी पार्टी का छोटा सा सिपाही हूं और पार्टी की लगातार सेवा करने वाला हूं। यहां पर समझने वाली बात है कि दिल्ली निगम बोर्ड कमेटी चुनाव होने जा रहे हैं, उस चुनाव को देखते हुए रामचंद्र जब बीजेपी में शामिल हुए, पार्टी खासा उत्साहित दिखाई दी और इसे आम आदमी पार्टी के लिए झटका माना गया। लेकिन अब जब रामचंद्र ने घर वापसी कर ली है, जमीन पर समीकरण फिर बदल गए हैं और असल खेल बीजेपी के साथ ही हो गया है।
