कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर संसद के मॉनसून सत्र में महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराने के लिए समर्थन मांगा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने 2014 के घोषणा पत्र में इस वादे को प्रमुखता से शामिल किया था, लेकिन पार्टी अब इसपर दोहरा रवैया अपना रही है। कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्यसभा द्वारा मार्च 2010 में पारित यह विधेयक लोकसभा में गत आठ वर्षो से एक के बाद एक बहाने की वजह से अटका पड़ा हुआ है। राहुल ने कहा कि विधेयक में देश के शासन में परिवर्तन करने की क्षमता है। इसमें और अधिक देरी करने से यह 2019 लोकसभा चुनाव से पहले पारित नहीं हो पाएगा।
उन्होंने कहा, “मैं आगामी मॉनसून सत्र में महिला आरक्षण विधेयक पारित करवाने के लिए आपसे समर्थन की मांग करता हूं। राहुल ने कहा, “चूंकि भाजपा और इसके सहयोगियों के पास लोकसभा में बहुमत है, लिहाजा इस ऐतिहासिक (प्रस्तावित) विधेयक को वास्तविकता में तब्दील करने के लिए आपके समर्थन की जरूरत है। मुझे भरोसा है कि इसे रोका नहीं जाएगा।
Our PM says he’s a crusader for women’s empowerment? Time for him to rise above party politics, walk-his-talk & have the Women’s Reservation Bill passed by Parliament. The Congress offers him its unconditional support.
Attached is my letter to the PM. #MahilaAakrosh pic.twitter.com/IretXFFvvK
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 16, 2018
इस विधेयक के पारित होने के बाद लोकसभा और राज्य विधानसभा की एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी। राहुल ने कहा कि भाजपा के सहयोग से जब राज्यसभा में यह विधेयक पारित हुआ था तब तत्कालीन विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने इसे ऐतिहासिक करार दिया था। राहुल ने कहा, “उसके बाद से, कांग्रेस जबकि विधेयक के संबंध में अपनी प्रतिबद्धताओं पर अडिग रही है, भाजपा इसपर दोहरा रवैया अपना रही है। जबकि 2014 के घोषणा-पत्र में यह पार्टी के प्रमुख वादों में से एक था।”
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि मोदी ने अपनी रैलियों में महिलाओं के सशक्तिकरण से संबंधित अपनी इच्छा जाहिर की है। राहुल ने कहा, “बिना शर्त समर्थन देकर विधेयक पारित करने के लिए समर्थन देने से बेहतर महिलाओं के हित के प्रति आपकी प्रतिबद्धता को दिखाने का और क्या बेहतर तरीका होगा? और इसके लिए आगामी मॉनसून सत्र से बेहतर और क्या समय होगा। इसमें और ज्यादा देरी होने से यह आगामी लोकसभा चुनाव से पहले पारित नहीं हो सकेगा।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को विधेयक के समर्थन में 32 लाख हस्ताक्षर प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा, “हम इन हस्ताक्षरों को आपकी कृपा के लिए सौंपते हैं और विनम्रता से आपसे संसद में इस विधेयक को पारित करने के लिए आपसे समर्थन की मांग करते हैं, ताकि महिलाएं आगामी लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में ज्यादा अर्थपूर्ण ढंग से भाग ले सकें।”
राहुल ने कहा है, “हमसब साथ खड़े हों, दलगत राजनीति से ऊपर उठें और भारत को यह संदेश दें कि हम मानते हैं कि बदलाव का वक्त आ गया है। महिलाओं को निश्चित ही राज्य विधानसभाओं और लोकसभा में उनका सही स्थान मिलना चाहिए, जहां मौजूदा समय में उनकी उपस्थिति काफी कम है।
