महाराष्ट्र की राजनीति में अभी लाउड स्पीकर को लेकर बवाल मचा है। एक तरफ राज ठाकरे मस्जिदों पर लगे लाउड स्पीकरों को लेकर आक्रामक रणनीति बना चुके हैं वहीं सरकार इस मामले में बैकफुट पर है। कभी सामना के संपादक रह चुके बीजेपी नेता प्रेम शुक्ला ने शिवसेना से पूछा है कि 1994 को बाला साहेब ठाकरे ने लाउड स्‍पीकर का मुद्दा उठाया था, क्‍या वो बीजेपी के भोंपू थे?

न्यूज 18 इंडिया पर एक डिबेट में प्रेम शुक्ला ने कहा कि शिवसेना बीजेपी के साथ गठबंधन में रही है ना कि मनसे। उद्धव ठाकरे की नीतियों में परिवर्तन क्यों हुआ वो खुद ही बता सकते हैं। अज़ान और जय हनुमान के सवाल पर चर्चा करते हुए वारिस पठान और प्रेम शुक्ला के बीच हुई तीख़ी बहस ओवैसी की पार्टी के प्रवक्ता वारिस पठान ने उन्हें करारा जवाब देकर कहा कि देश संविधान से चलेगा ना किसी की धांधली और दादागिरी से नहीं चलेगा।

राज ठाकरे ने औरंगाबाद की रैली में ऐलान किया था कि वो 4 मई से मस्जिदों के सामने हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। उसके बाद से उन पर केस भी दर्ज हो चुका है। शिवसेना को शिकंजे में लेने के लिए राज ठाकरे ने दिवंगत बाला साहब ठाकरे का एक पुराना वीडियो साझा किया है। इसमें उन्हें लाउडस्पीकर उतारने की बात कहते हुए सुना जा सकता है।

वीडियो के अनुसार बाल ठाकरे कह रहे हैं कि जिस दिन उनकी सरकार इस महाराष्ट्र में आएगी, उस दिन हम रास्ते पर नमाज पढ़ने नहीं देंगे। धर्म ऐसा होना चाहिए जो राष्ट्र के विकास के बीच न आए। हमारे हिंदू धर्म का उपद्रव होगा तो उन्हें आकर बताएं। वो उसका बंदोबस्त करेंगे।

राज ने अपने चचेरे भाई और महाराष्ट्र के मुख्यंत्री उद्धव ठाकरे पर सवाल उठाकर कहा कि बाल ठाकरे सभी लाउडस्पीकर को शांत कराना चाहते थे। उन्होंने कहा कि देश में इतनी जेल नहीं हैं, जो हिंदुओं को गिरफ्तार कर सके और इस बात को सरकारों को मान लेना चाहिए।