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Maharashtra: राज ठाकरे के लाउडस्पीकर मुहिम के खिलाफ उतरे हिंदू महासंघ के अध्यक्ष, जानें पूरा मामला

उनका कहना है कि अगर मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटवाया गया तो फिर यह भी मांग होने लगेगी कि हिंदू धर्मस्थलों से भी लाउडस्पीकर हटाए जाएं। साथ ही हिंदू पूजा, रैलियों, शोभायात्राओं, गणपति पूजा, कीर्तन, भजन आदि पर भी इसी आधार पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठने लगेगी।

loudspeaker| loudspeaker in mosques| Azaan vs Hanuman Chalisa
लाउडस्पीकर (Photo Credit : द इंडियन एक्सप्रेस)

महाराष्ट्र में धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर लगाने का विवाद गहराता जा रहा है। इसको लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे की चेतावनी के बाद पुलिस हाई अलर्ट पर है, वहीं राज्य के हिंदू महासंघ के अध्यक्ष आनंद दवे राज ठाकरे के लाउडस्पीकर हटवाने के मुद्दे के खिलाफ है। उनका कहना है कि अगर मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटवाया गया तो फिर यह भी मांग होने लगेगी कि हिंदू धर्मस्थलों से भी लाउडस्पीकर हटाए जाएं। साथ ही हिंदू पूजा, रैलियों, शोभायात्राओं, गणपति पूजा, कीर्तन, भजन आदि पर भी इसी आधार पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठने लगेगी।

उन्होंने कहा कि अगर मस्जिदों के अजान से दिक्कत है तो मुसलमान धर्मावलंबियों के साथ बैठक कर अजान की टाइमिंग बदली जा सकती है या फिर उसका डेसिबल कम किया जा सकता है।

आनंद दवे ने कहा कि हिंदू धर्म में तुरही बजाई जाती है। अगर इसको भी हटाने की मांग की गई तो हिंदू धर्म को बहुत नुकसान होगा। बोले-“आदरणीय बालासाहेब ठाकरे के समय में भी तुरही को उतारना संभव नहीं था। तुरही हटने से हिंदुत्व को सबसे अधिक नुकसान होगा। बाबासाहेब जयंती, अम्बेडकर जयंती, हर जाति के युगपुरुष की जयंती के दिन, उनकी यात्रा, पड़वा यात्रा, दीवाली पहाट, दहीहांडी आदि का आयोजन सब मुसीबत में पड़ जाएगा।”

बोले “सड़क पर नमाज पढ़ना गलत है, तो मांडव में होने वाली गणपति पूजा, मांडव, उत्सव, आरती आदि भी सड़क पर होती है। जुलूस भी सड़क पर निकलता है, डांडिया भी सड़क पर होती है? इनका क्या होगा?

इससे पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहा था कि अगर 3 मई तक मस्जिदों से लाउडस्पीकर नहीं हटाया गया तो वह लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। उन्होंने कहा- “वह 4 मई से किसी की नहीं सुनेंगे। लाउडस्पीकर नहीं हटाए गए तो दोगुनी आवाज में हनुमान चालीसा बजाया जाएगा”।

इसके साथ ही मनसे अध्यक्ष ने एनसीपी नेता शरद पवार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा- “शरद पवार अपनी बेटी के अनुसार नास्तिक रूप में हैं। समाज में नफरत फैला रही उनकी पार्टी ने कभी महान शिवाजी का सम्मान नहीं किया। शरद पवार को आदरणीय बाल ठाकरे की किताबें पढ़नी चाहिए”।

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