कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पहले की गई घोषणाओं का हवाला देते हुए सोमवार को कटाक्ष किया कि खुश हो जाइए कि आधारभूत ढांचे से संबंधित योजना का आकार हर साल जीडीपी से भी तेज बढ़ रहा है। उन्होंने लगातार तीन ट्वीट करके मोदी सरकार की कार्यप्रणाली पर कटाक्ष किया।

चिदंबरम ने ट्वीट में तंज कसा कि 15 अगस्त, 2020 को मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय आधारभूत ढांचागत पाइपलाइन परियोजना एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 100 लाख करोड़ रुपये इस परियोजना पर खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त, 2021 को पीएम मोदी ने 100 लाख करोड़ रुपये के गतिशक्ति आधारभूत ढांचागत योजना की शुरुआत की। उन्होंने तंज कसा कि खुश हो जाइए कि आधारभूत ढांचे की योजना का आकार जीडीपी से भी ज्यादा तेज गति से बढ़ता जा रहा है।

पीएम मोदी ने रविवार को अपने भाषण में 100 लाख करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा विकास कार्यक्रम गतिशक्ति शुरू करने की घोषणा की थी। मोदी ने कहा कि भारत आने वाले कुछ समय में गति शक्ति योजना का एक राष्ट्रीय मास्टर प्लान देश के समक्ष रखेगा। 100 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक की यह योजना लाखों लोगों के लिए रोजगार का अवसर अपने साथ लेकर आएगी। यह पूरे देश के लिए ऐसा मास्टर प्लान होगा।

पीएम का कहना था कि परिवहन के साधनों में तालमेल नहीं है। यह योजना इस गतिरोध को भी तोड़ेगी। इस योजना के तहत भारत अपने सभी मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट को प्रमोट करेगी और उसे आगे बढ़ाएगी। योजना के जरिए रोजगार के नए साधन उपलब्ध होंगे, जिसका फायदा देश के युवा वर्ग को होगा।

गति शक्ति योजना से मेड इन इंडिया प्रोडक्ट को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इससे छोटे, लघु और कुटीर उद्योगों को भी विशेष रूप से सहयोग मिलेगा। यातायात के साधन को सुलभ बनाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करेगा। इस योजना के तहत 75 हफ्तों में 75 वंदे भारत ट्रेन भारत को जोड़ेगी।

उधर, सोशल मीडिया पर भी लोगों ने सरकार को घेरा। नीरज ने लिखा-जॉर्ज स्टेअर्ट मिल चेतावनी देते हुए कहा था यदि किसी महाननायक या महान शख्सियत की ना अंधीभक्ति की जाने लगे। अपनी स्वतंत्रता को उसके चरणों में समर्पित ना कर दें। यदि उसको शक्तियां दे दी जाए तो वह सभी संस्थाओं को निष्क्रिय करने में समर्थ हो जाएगा। यही हमारे देश में हो रहा है।

एक और यूजर ने लिखा-जुमले बाजी से बदबू उठने लगी है। अब उसके गुजराती के जुमलो को सुन सुनकर आम जनता ऊब गई है। जनता इस बदबू से काफी परेशान हो चुकी है। भूख प्यास इलाज के अभाव में मर रही है। प्रियदर्शनी श्रीमती इंदिरा गांधी जी अगर होती तो इस बदबू से कभी की मुक्ति आम जनता को मिल गई होती धन्यवाद।