सरकार की ओर से शुक्रवार को दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े जारी किए गए। मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानी जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट गिरकर 4.5 प्रतिशत पर आ गई है। GDP का लगातार गिरना चिंता का विषय है। पिछली 26 तिमाहियों में यह भारतीय अर्थव्यवस्था की सबसे धीमी विकास दर है। ऐसे में इस मुद्दे को लेकर संसद में चर्चा हुई। इस दौरान एक बीजेपी संसद ने जीडीपी को लेकर ऐसा बयान दिया जिसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल होना पड़ा।

संसद के शीतकालीन सत्र का आज 11वां दिन था। जीडीपी के मुद्दे पर लोकसभा में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि जीडीपी 1934 में आई इससे पहले कोई जीडीपी नहीं थी… केवल जीडीपी को बाइबल, रामायण या महाभारत मान लेना सत्य नहीं है और भविष्य में जीडीपी का बहुत ज्यादा उपयोग नहीं होगा। उन्होंने कहा कि आज नई थ्योरी है आम आदमी का स्थायी आर्थिक कल्याण, हो रहा है या फिर कोई नहीं हो रहा है। जीडीपी से ज्यादा महत्वपूर्ण है के सतत विकास। लोगों को खुशी मिल रही है या नहीं मिल रही है।

निशिकांत के इस बयान के बाद ट्विटर पर यूजर्स उनका मजाक उड़ने लगे। एक यूजर ने लिखा “सखा में यही पढ़ाया जाता है कि महाभारत और रामायण सच्चाई है और जीडीपी काल्पनिक।” एक यूजर ने लिखा “इनके हिसाब से बहुत जल्दी कॉमर्स से अर्थशास्त्र का विषय गायब हो जाएगा।” एक यूजर ने लिखा “मोदीजी इसे भी कभी दिल से माफ नहीं कर पाएंगे।”

एक ने लिखा “किसी दिन लोक सभा में जाना पड़ेगा, मस्त लोग आते है उधर।” बता दें पिछले एक साल से जीडीपी लगातार गिर रही है। एक साल पहले यह 7 प्रतिशत थी जबकि पिछली तिमाही में यह 5 प्रतिशत थी।