एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने बुधवार को यह दावा करते हुए विवाद खड़ा कर दिया कि राजधानी दिल्ली में संसद भवन और इसके आसपास के इलाके वक्फ की संपत्ति पर बनाए गए हैं। बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए अजमल ने दावा किया कि राष्ट्रीय राजधानी में वसंत विहार के आसपास से लेकर एयर पोर्ट तक का क्षेत्र वक्फ संपत्ति पर बनाया गया है।
एआईयूडीएफ चीफ ने कहा, “ऐसी आवाजें उठ रही हैं और दुनिया भर में वक्फ संपत्तियों की एक लिस्ट भी सामने आई है – संसद भवन, आसपास के क्षेत्र और वसंत विहार के आसपास के क्षेत्रों से लेकर एयर पोर्ट तक का निर्माण वक्फ संपत्ति पर किया गया है। लोग यह भी कहते हैं कि हवाई अड्डे का निर्माण वक्फ संपत्ति पर किया गया है।“
उन्होंने कहा, “बिना अनुमति के वक्फ की जमीन का इस्तेमाल करना बुरा है। वक्फ बोर्ड के इस मुद्दे पर वे जल्द ही अपना मंत्रालय खो देंगे।”
वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 पर संयुक्त संसदीय समिति की बैठक
इस बीच, वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 पर संयुक्त संसदीय समिति की बैठक के दौरान संसदीय आचार संहिता के घोर उल्लंघन पर विपक्षी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है। पत्र में विपक्षी सांसदों ने 14 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित समिति की बैठक के दौरान समिति अध्यक्ष जगदंबिका पाल द्वारा संसदीय आचार संहिता और प्रक्रिया के नियमों के कई उल्लंघनों का आरोप लगाया।
वक्फ बिल पर संसदीय समिति की बैठक से विपक्षी दलों का वॉकआउट, लगातार दूसरे दिन नहीं बन पाई सहमति
संसदीय समिति की बैठक के दौरान विपक्ष के सांसदों का वॉकआउट
वक्फ (संशोधन) विधेयक पर संसद की संयुक्त समिति की बैठक से मंगलवार को विपक्ष के कई सांसदों ने वॉकआउट किया। उनका आरोप था कि एक भाजपा सदस्य ने उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की है। दो दिनों में यह दूसरी बार है जब सांसदों ने बैठक से वॉकआउट किया है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, कल्याण बनर्जी, गौरव गोगोई, ए राजा, मोहम्मद अब्दुल्ला और अरविंद सावंत सहित विपक्षी सदस्य संसदीय समिति की बैठक से उठ कर बाहर चले गए। करीब एक घंटे तक बैठक से दूर रहने के बाद विपक्षी सदस्य फिर से इसमें शामिल हुए। संसदीय समिति अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के प्रतिनिधियों के पक्ष सुन रही थी।
