पिछले महीने जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार किए गए आंतकी बहादुर अली को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कई खुलासे किए हैंं। एनआईए ने बुधवार को बहादुर अली के कबूलनामे का वीडियो दिखाते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। जांच एजेंसी ने बताया कि आतंकी बहुादर अली को जमात-उद-दावा ने रिक्रूट किया था। बाद में लश्कर-ए-तैयबा को सौंप दिया गया। बहादुर अली ने लश्कर द्वारा दी जाने वाली तीनों ट्रेनिंग ली है। लश्कर ने उसेे ट्रेंड करके जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ करने और स्थानीय लोगों के बीच घुल मिलकर तनाव उत्पन्न करने के लिए कहा था। बता दें कि पाकिस्तानी आंतकी बहादुर अली को 25 जुलाई को एक 47 राइफल, ग्रेनेड और लॉन्चर के साथ गिरफ्तार किया गया था।
अली की गिरफ्तारी के बाद एनआईए हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के मारेे जाने के बाद कश्मीर में चल रही अशांति में लश्कर की भूमिका की जांच कर रही थी। एनआईए चीफ संजीव कुमार ने बताया कि आंतकी को हथियारों की ट्रेनिंग को देखकर इसमें मिलेट्री एक्सपर्ट्स और पाकिस्तानी सेना का शामिल होना लग रहा था। उन्होंने बताया कि अली गिरफ्तार होने से पहले लश्कर के संपर्क में था। एनआईए ने बताया कि बहादुर अली के पास से मिले कोड्स से पता चलता है कि उसे बहुुत हाई ट्रेंड लोगों ने ट्रेनिंग दी थी।
बहादुर अली ने एनआईए को पूछताछ में बताया कि लश्कर के ट्रेनिंग कैंप में 30-50 ट्रेनीज थे जो अलग-अलग देशों के अलग-अलग हिस्सों से आए थे, इसमें अफगानिस्तान और पाकिस्तान के लोग भी शामिल थे। उसने बताया कि कुछ आर्मी ऑफिसर्स थे जो कि सिविल ड्रेस में थे, उन्होंनेे चेेक लिस्ट के जरिए उनकी तैयारी चेेक की थी।
उसने बताया कि वह दो लश्कर के कैडर्स के साथ 11-12 जून को भारत की सीमा में घुसा था। उसने बताया कि जब हैदर फेंसिंग पार करके एलओसी पार करने की कोशिश कर रहा था, तो वह लगातार किसी से संपर्क में था। बहादुर का कहना है कि वह सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों में से एक आदमी हो सकता है। उसने माना कि लश्कर से ट्रेेनिंग लेकर भारत में घुसा।
Bahadur Ali underwent all three training process organised by LeT: NIA IG Sanjeev Kumar pic.twitter.com/LgzPafi9d1
— ANI (@ANI_news) August 10, 2016
