पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारत के परमाणु प्रसार कार्यक्रम को क्षेत्रीय और वैश्विक शांति की दिशा में एक रुकावट करार दिया है। पाक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने शुक्रवार को साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि भारत जिस तरह से परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है, उससे पड़ोसी देशों को खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा, “भारत की यह कोशिश न केवल परमाणु प्रसार निषेध संधि की साख को कमजोर करता है बल्कि दक्षिण एशिया में सामरिक संतुलन को भी बिगाड़ सकता है।” उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह के देशों ने भारत को परमाणु अप्रसार संधि के वक्त इस तरह की किसी भी नैतिक बाध्यताओं से उसे बांधने की कोशिश नहीं की।
गौरतलब है कि साल 2008 में भारत को एनएसजी की सदस्यता मिली थी। जकारिया ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि एनएसजी के देश अभी भी इस तथ्य पर ध्यान देंगे कि सदस्य देश परमाणु अप्रसार संधि का उल्लंघन तो नहीं कर रहे हैं। इससे क्षेत्रीय और वैश्विक शांति की दिशा में लंबा और कारगर कदम उठाया जा सकेगा।
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उरी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के बाद दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच तनातनी चल रही है। जासूसी के आरोप में दोनों देशों ने एक दूसरे के राजनयिकों को देश छोड़ने का फरमान सुनाया है।इसके अलावा पाकिस्तान ने पिछले एक महीने में कम से कम 25 बार सीजफायर का उल्लंघन किया है। भारतीय सेना ने भी इसका डटकर मुकाबला किया है। सीमा पार से होनेवाली घुसपैठ को भी भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने न केवल नाकाम किया है बल्कि कई आतंकियों को मुठभेड़ में मार गिराया है। आपको बता दें कि शुक्रवार को ही बीएसएफ ने दावा किया था कि उसने इसी तरह की सैन्य कार्रवाई में पिछले कुछ दिनों में 15 पाक सैनिकों को मार गिराया है।
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