सुप्रीम कोर्ट ने INX मीडिया भ्रष्टाचार केस में सीबीआई की ओर से दर्ज मामले में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को मंगलवार को बेल दे दी। चिदंबरम को जमानत नहीं देने के दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को फैसला सुनाया। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि अगर किसी अन्य मामले में पी.चिदंबरम की जरूरत नहीं है तो उन्हें जमानत पर रिहा किया जाए। न्यायालय ने कहा कि पी.चिदंबरम अदालत से इजाजत लिए बिना देश ने बाहर नहीं जा सकते।

हालांकि जमानत के बावजूद चिदंबरम जेल में ही रहेंगे क्योंकि ईडी ने भी उन्हें गिरफ्तार किया था। चिदंबरम को भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई ने 21 अगस्त को गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने हाल ही में उनके तथा अन्य लोगों खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है जिनमें उनके बेटे कार्ति तथा कुछ नौकरशाह शामिल हैं।

इन पर कथित रूप से भ्रष्टाचार निरोधक कानून तथा आईपीसी के तहत दंडनीय अपराध करके राजकोष को नुकसान पहुंचाने के मामले में आरोपपत्र दाखिल किया गया था। चिदंबरम फिलहाल आईएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में हैं। सीबीआई ने 2007 में 305 करोड़ रुपये का विदेशी चंदा लेने के लिए आईएनएक्स मीडिया समूह को विदेशी निवेश संबर्द्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की एक मंजूरी में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए 15 मई, 2017 को एफआईआर दर्ज की थी।

इसके बाद ईडी ने 2017 में इस संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। 74 वर्षीय वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने उच्च न्यायालय के 30 सितंबर के फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने सीबीआई द्वारा दर्ज आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में उनकी जमानत अर्जी को खारिज कर दिया था।