OROP को लेकर पूर्व सैनिक राम किशन ग्रेवाल की आत्महत्या पर सियासी बयानबाजी निजी हमलों में तब्दील हो रही है। गुरुवार को एक कदम आगे बढ़ते हुए नेताओं ने एक-दूसरे पर आरोप मढ़ने शुरू कर कर दिए। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी को ‘कॉमेडी का हीरो’ बताया है। उन्होंने कहा, ”उनकी (राहुल) हरकतों से लगता है जैसे वो कॉमेडी सर्कस के हीरो हैं” विजयवर्गीय ने आत्महत्या की जांच कराए जाने की बात करते हुए कहा, ”उसने (ग्रेवाल) सुसाइड क्यों किया, यह जांच का विषय है क्योंकि उसे OROP का लाभ मिल रहा था।” राहुल गांधी पर हमला करने में हरियाणा के मंत्री अनिल विज भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने केजरीवाल और गांधी को लेकर कहा, ”जैसे लाइट जलने पर मच्छर भाग के आते हैं, वैसे ही कैमरा ऑन होने पर ये (राहुल व केजरीवाल) भागते हैं।” दूसरी तरफ, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने ‘शहीद’ शब्द की अलग परिभाषा सामने रखी है। उनका कहना है कि ”शहीद वे होते हैं जो सीमा पर जान देते हैं, न कि वे जो आत्महत्या करते हैं।” इससे पहले विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह के पूर्व सैनिक की ‘मानसिक स्थिति’ जांचने वाले यान पर भी खासा विवाद हुआ था। कांग्रेस के राज बब्बर ने कहा, ”उनकी (सिंह) मानसिक स्थिति जांचने की जरूरत है। शर्मनाक है कि ऐसा व्यक्ति अपने नाम के आगे ‘जनरल’ लिखता है।”
वीडियो: पूर्व सैनिक के अंतिम संस्कार में शामिल हुए राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल
गौरतलब है कि सिंह ने पूर्व सैनिक की आत्महत्या को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा था कि ग्रेवाल का मामला बैंक के साथ था, OROP से नहीं। मंत्री ने ग्रेवाल को आत्महत्या के लिए मजबूर किए जाने का इशारा करते हुए पूछा था कि ”और, किस तरह उसे सल्फास की टेबलेट्स मिलीं और किसने उसे वह दीं?” वहीं पुलिस कमिश्नर से बीजेपी सांसद बने सत्यपाल सिंह ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली पुलिस विरोध को काबू करने में नाकाम साबित हुई। उन्होंने कहा, ”मुझे लगता है दिल्ली पुलिस हालात को बेहतर तरीके से संभाल सकती थी, उन्होंने पूरी तरह इसमें चूक की है।” उन्होंने आगे कहा, ”विपक्षी पार्टियों को पीड़ित या सेना से कोई लेना-देना नहीं है। यही लोग सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सेना पर सवाल उठा रहे थे और वे सिर्फ राजनीतिक फायदा उठाना चाहते हैं।”
बुधवार को सिंह ने पूर्व सैनिक के परिवार से मिलने की हठ लगाए राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए कहा था, ”OROP को राजनीति से दूर रखना चाहिए, यह अच्छा रहेगा। राहुल गांधी को इस मुद्दे को राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए। सुसाइड के पीछे OROP को वजह बताया जा रहा है, जबकि यह पता नहीं कि उसकी (ग्रेवाल) मानसिक स्थिति क्या थी। इसकी जांच होनी चाहिए।”
