ओडिशा की पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों को शरण देता था। बांग्लादेशियों का इस्तेमाल अवैध गैरकानूनी गतिविधियों में भी किया जाता था। पुलिस ने मुख्य आरोपी सिकंदर आलम उर्फ सेको को गिरफ्तार किया है।

हाल ही में पुलिस ने बेहरमपुर झुग्गी बस्ती पर छापेमारी की थी और उसके बाद से ही सिकंदर आलम गिरफ्तारी से बचने के लिए यहां-वहां भाग रहा था। पुलिस ने लगातार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर उसे जाजपुर से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस का कहना है कि सेको के पासपोर्ट और कई अन्य डॉक्यूमेंट्स को जब्त कर लिया गया है और उसके छोटे भाई को भी गिरफ्तार किया गया है।

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बुलडोजर चलाकर गिराया अवैध निर्माण

पुलिस को पता चला है कि सेको को और उसके बाकी साथी बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासियों को उन्हें शरण दे रहे थे। कुछ महिलाओं को भी तस्करी करके लाया गया था और उनका शोषण किया गया। इसके बाद जगतसिंहपुर जिला प्रशासन ने अवैध रूप से सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाए गए निर्माण को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया।

पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने बताया है कि बांग्लादेशी जिन रास्तों से ओडिशा में आते हैं, वहां निगरानी की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि इस बात की भी जांच की जा रही है कि क्या सिकंदर आलम को ऐसे ही किसी गिरोह को चलाने के लिए विदेश से पैसा मिला था?

गृह मंत्रालय ने दिया था निर्देश

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को बांग्लादेश और म्यांमार से आकर अवैध रूप से भारत में रह रहे प्रवासियों के खिलाफ अभियान चलाने का निर्देश दिया था। ओडिशा के मुख्यमंत्री ने भी पुलिस और प्रशासन से कहा है कि राज्य में अवैध रूप रह रहे बांग्लादेशियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

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