बेंगलुरु की जेल में आंतकी बनाए जाने के मामले में एनआईए एक्शन मोड में है। मंगलवार को एनआईए ने एकसाथ 17 ठिकानों पर छापेमारी की है। यह मामला एक साल पहले सामने आया था। इस मामले में टी नसीर नाम के एक आतंकी का नाम सामने आया था जिस पर जेल में बंद कैदियों को आतंक के रास्ते पर लाने के लिए उनका ब्रेन बॉश किया जा रहा था। एनआईए ने बेंगलुरु के रामेश्वर कैफे में हुए धमाके के मामले में भी जांच शुरू कर दी है। फिलहाल संदिग्ध आतंकियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। इस मामले में कई सबूत हाथ लगे हैं।
कैफे ब्लास्ट से जुड़े हो सकते हैं तार
जेल में बंद कैदियों को रैडिकलाइज करने की जांच कर रही एएनआई की टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस मामले के तार रामेश्वर कैफे ब्लास्ट से भी जुड़े हैं। एनआईए की अब तक की जांच से पता चला है कि बेंगलुरु सेंट्रल जेल में बंद लश्कर-ए-तैयबा का आतंकवादी टी नजीर हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कैदियों को कट्टरपंथी बना रहा था। बता दें कि यह मामला मूल रूप से अक्टूबर में बेंगलुरु सिटी पुलिस द्वारा सात पिस्तौल, चार हथगोले, एक मैगजीन, 45 लाइव राउंड और चार वॉकी-टॉकी की जब्ती के बाद दर्ज किया गया था।
एनआईए के आरोपपत्र में शामिल आरोपियों में केरल के कन्नूर जिले का टी नसीर भी शामिल है, जो 2013 से बेंगलुरु की सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। वहीं जुनैद अहमद उर्फ जेडी और सलमान खान के विदेश भाग जाने का संदेह है। अन्य की पहचान सैयद सुहैल खान उर्फ सुहैल, मोहम्मद उमर उर्फ उमर, जाहिद तबरेज उर्फ जाहिद, सैयद मुदस्सिर पाशा और मोहम्मद फैसल रब्बानी उर्फ सदाथ के रूप में हुई है। सभी आठ आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र दायर किया गया है।
