राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली और पड़ोसी राज्यों में छाई धुंध और प्रदूषण पर केन्द्र सरकार के साथ-साथ दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान सरकार को कड़ी फटकार लगाई है और पूछा है कि जिसने भी हमारा आदेश नहीं माना उनके खिलाफ आपलोगों ने क्या कार्रवाई की? ट्रिब्यूनल ने दिल्ली सरकार से पूछा है कि धूलकणों से निपटने के लिए अभी तक सड़कों पर पानी का छिड़काव क्यों नहीं किया गया है? ट्रिब्यूनल ने दिल्ली सरकार के वकील से यह भी पूछा कि हेलीकॉप्टर से पानी के छिड़काव की आपकी योजना का क्या हुआ? ट्रिब्यूनल ने दिल्ली नगर निगमों को भी कड़ी फटकार लगाई है और पूछा है कि निगम के लोग क्या कर रहे हैं, इससे पहले निगम को क्लीनिंग मशीन खरीद कर सफाई करने को कहा गया था।
एनजीटी ने सरकारी उदासीनता पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पंजाब में 70 फीसदी जमीन पर फसल अवशेष जलाए जा रहे हैं। इससे निपटने के लिए सरकार क्यों नहीं ठोस कदम उठा रही है। उधर, केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री अनिल दवे की अध्यक्षता में भी एक उच्च स्तरीय बैठक हुई जिसमें बढ़ते प्रदूषण से निपटने के कदमों पर चर्चा की गई।
प्रदूषण पर एनजीटी सख्त, 48 घंटों में मांगा केंद्र से जवाब:
गौरतलब है कि दिवाली के बाद से दिल्ली और आस पास के राज्यों में धुआं और धुंध से लोग परेशान हैं। लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी हो रही है। इसके अलावा सड़कों पर विजिविलिटी घट गई है जिसकी वजह से कई सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। दिल्ली सरकार ने कार्रवाई करते हुए सोमवार से तीन दिनों के लिए सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश सुनाया है। इसके अलावा सभी प्रकार के निर्माण कार्य और ध्वस्त कार्य पर फिलहाल पाबंदी लगा दी है।
"What action have you taken against those violating NGT orders? 70% land in Punjab is used for crop burning,what is Delhi Govt doing?: NGT
— ANI (@ANI) November 7, 2016
"What have you done till now to curb pollution," asks NGT to Centre, Delhi, Haryana, Rajasthan and Punjab Govt. #DelhiSmog
— ANI (@ANI) November 7, 2016
Meeting chaired by Environment Minister Anil Dave underway over the rise in pollution levels in Delhi #DelhiSmog pic.twitter.com/1FUKIjO73C
— ANI (@ANI) November 7, 2016
