मोदी सरकार द्वारा जारी की गई नई सोशल मीडिया गाइडलाइन को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार ने सभी कंपनियों को नोटिस भेजकर पूछा है कि नियम का पालन अब तक क्यों नहीं किया गया। वहीं फेसबुक के स्वामित्व वाले व्हाट्सऐप ने सरकार के नए सोशल मीडिया मध्यवर्ती नियमों को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इसको लेकर कई न्यूज़ चैनलों में डिबेट भी हो रही है।

ऐसी ही एक डिबेट ‘न्यूज़ 24’ के शो ‘राष्ट्र की बात’ पर हो रही थी। इस दौरान कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा और तंज़ कसते हुए कहा कि अच्छे दिन के आस में, जीवित बदल गए लाश में… मोदी जी फिर भी लगे हैं, छवि चमकाने की तलाश में। कांग्रेस नेता ने कहा “कोरोना संकट के बीच मोदीजी अपनी छवि चमकाने में लगे हुए हैं। आल्टरनेट मीडिया जो होता है सोशल मीडिया उसमें कोई भी व्यक्त कुछ भी पोस्ट कर सकता है। उसको नियंत्रित करना थोड़ा मुश्किल है।”

कांग्रेस नेता ने कहा “लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ और ज़्यादातर संवैधानिक संस्थाओं को मुट्ठी में कसने का काम यह सरकार रह रही है। ये लोग अब आल्टरनेट मीडिया का गला भी घोट रहे हैं। जब सरकार को कोरोना की दूसरी लहर पर ध्यान देना चाहिए थे, तब मोदीजी सोच रहे थे कि कैसे अपनी छवि बचाई जाये।”

केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइन के मुताबिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भारत में नोडल ऑफिसर, रेसिडेंट ग्रीवांस ऑफिसर अप्वाइंट करना होगा, जो भारत में होगा। इस ऑफिसर को 15 दिनों के अंदर OTT कंटेंट के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों का निपटारा करना होगा।

इसके अलावा नई गाइडलाइन के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को एक मंथली रिपोर्ट जारी करनी होगी, जिसमें शिकायतों और उनके निपटारे की जानकारी देनी होगी। यही नहीं किन पोस्ट और कंटेंट को हटाया गया और इसकी क्या वजह थी, इसके बारे में भी बताना होगा. सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के पास इंडिया का फिजिकल एड्रेस होना चाहिए, जो कंपनी के मोबाइल ऐप और वेबसाइट पर दर्ज होना चाहिए।