तकनीक के साथ आगे बढ़ते हुए भारतीय रेलवे की शताब्दी एक्सप्रेस और राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन मार्च 2019 से यात्रियों को झटका-मुक्त सफर की सौगात देंगी। रेलवे के एक अधिकारी ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी। रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि नई दिल्ली से रवाना होने वाली सभी शताब्दी एक्सप्रेस में आधुनिक योजक (कपलर्स) लगाए गए हैं, जो यात्रियों के सुगम सफर को सुनिश्चित करेंगे।

उन्होंने कहा, “इस समय तक उत्तर रेलवे के अंतर्गत आने वाली सभी शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनों में यह परिवर्तन कर दिया गया है। राजधानी व शताब्दी ट्रेन बेड़े से पुराने योजक मार्च 2019 तक बदल दिए जाएंगे। योजक एक कोच को दूसरे कोच से जोड़ने वाले उपकरण हैं। अधिकारी के मुताबिक, रेलवे पुराने योजकों को नवविकसित सेंटर बफर कपलर (सीबीसी) से बदल रहा है, जो संतुलित ड्राफ्ट गियर से लैस है।

अधिकारी ने कहा, “एएचबी (लिंक हॉफमान बुश) कोच को जोड़ने वाले मानक योजकों में कछ दिक्कत आ रही थी, जिसके परिणामस्वरूप सफर के दौरान झटके लगते थे। उन्होंने कहा कि सीबीसी के नए संस्करण में उच्च क्षमता वाले झटका अवशोषक हैं, जो ब्रेक लगाने, गति बढ़ाने के दौरान झटके नहीं लगने को सुनिश्चित करेंगे, जिसके परिणामस्वरूप यात्रियों का सफर सुगम बनेगा।  उन्होंने कहा कि राजधानी व शताब्दी ट्रेनों के बेड़े से पुराने योजकों को बदलने के बाद अन्य ट्रेनों में भी यह बदलाव किया जाएगा।

इससे पहले रेलवे ने घोषणा की थी कि पूर्वोत्तर रेलवे यात्रियों की आरामदायक यात्रा और सुगमता के लिए दो जोड़ी ट्रेनों में अत्याधुनिक एल.एच.बी. रेक लगाएगा। इस सम्बन्ध में पूर्वात्तर रेलवे के मुख्य सम्र्पक अधिकारी ने बताया था कि इस अत्याधुनिक एल.एच.बी. रेक वाली 19403-19404 अहमदाबाद-सुल्तानपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस को 11 दिसम्बर से अहमदाबाद से और 12 दिसम्बर से सुल्तानपुर से चलेगी।

आपको बता दें कि 19421-19422 अहमदाबाद-पटना-अहमदाबाद एक्सप्रेस को 9 दिसम्बर से अहमदाबाद से व 11 दिसम्बर से पटना से अत्याधुनिक एल.एच.बी. रेक से चलाया जा रहा है। इस संशोधित संरचना के अनुसार एल.एच.बी. कोच के रेक लगाए जाने के बाद इन गाड़ियों में जनरेटर सह लगेज यान के 02, साधारण श्रेणी के 04, शयनयान श्रेणी के 08, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के 02 तथा वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी का 01 सहित कुल 17 कोच लगाए जाएंगे।