प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू कश्मीर पुनर्गठन संबंधी विधेयक एवं संकल्प संसद में पारित होने पर इसे देश के कई महान नेताओं को सच्ची श्रद्धांजलि बताते हुए मंगलवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अब निहित स्वार्थ से जुड़े लोगों के चंगुल से आजाद है और एक नई सुबह, एक बेहतर कल के लिए तैयार है।

प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा, ‘मैं जम्मू-कश्मीर की बहनों और भाइयों के साहस और जज्बे को सलाम करता हूं। वर्षों तक कुछ स्वार्थी तत्वों ने भावनात्मक दोहन किया, लोगों को गुमराह किया और विकास की अनदेखी की। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अब ऐसे लोगों के चंगुल से आजाद है। एक नई सुबह, एक बेहतर कल के लिए तैयार है।’ उन्होंने कहा कि इन विधेयकों का पारित होना देश के कई महान नेताओं को सच्ची श्रद्धांजलि है। सरदार पटेल को श्रद्धांजलि है, जो देश की एकता के लिए समर्पित थे। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब आंबेडकर के विचार सर्वविदित हैं। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को यह श्रद्धांजलि है, जिन्होंने भारत की एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

मोदी ने कहा, ‘ये कदम जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के युवाओं को मुख्यधारा में लाएंगे, साथ ही उन्हें उनके कौशल और प्रतिभा को प्रर्दिशत करने के अनगिनत अवसर प्रदान करेंगे। इससे वहां के आधारभूत ढांचे में सुधार होगा, व्यापार-उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर बनेंगे और आपसी दूरियां मिटेंगी।’ उन्होंने कहा कि लद्दाख के लोगों को विशेष रूप से बधाई। उन्हें इस बात की बेहद खुशी है कि केंद्र शासित प्रदेश घोषित करने की उनकी दशकों पुरानी मांग आज पूरी हो गई है। इस फैसले से लद्दाख के विकास को अभूतपूर्व बल मिलेगा। लोगों के जीवन में समृद्धि और खुशहाली आएगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद में जिस प्रकार विभिन्न पार्टियों ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर और वैचारिक मतभेदों को भुलाकर सार्थक चर्चा की, उसने हमारे संसदीय लोकतंत्र की गरिमा को बढ़ाने का काम किया है। इसके लिए वह सभी सांसदों, राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को बधाई देते हैं।