ब्रिक्स देशों के शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए ब्रिक्स देशों को आपसी सहयोग बढ़ाना होगा। ब्राजील के ब्रासीलिया में हो रहे 11वें ब्रिक्स सम्मेलन में मोदी ने कहा कि आतंकवाद से दुनिया की अर्थव्यवस्था को 1000 अरब डॉलर का नुकसान पहुंचा है। विकास, शांति और समृद्धि के लिए आतंकवाद सबसे बड़ा खतरा है। आतंकवाद के कारण विकासशील देशों की आर्थिक वृद्धि दर 1.5 फीसद प्रभावित हुई है। इससे पहले ब्रिक्स देशों के कारोबारी सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने भारत में निवेश की अपील की। उन्होंने भारत को दुनिया की सबसे ‘खुली व निवेश के लिए अनुकूल’ अर्थव्यवस्था बताते हुए ब्रिक्स देशों की कंपनियों और कारोबारियों से भारत में निवेश करने और यहां उपलब्ध मौकों का लाभ उठाने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘मुझे खुशी है कि ब्रिक्स में आतंकवाद रोधी रणनीति विषय पर पहला सम्मेलन आयोजित किया गया। हम आशा करते हैं कि ऐसे प्रयासों और पांचों देशों की गतिविधियों से आतंक के खिलाफ सशक्त ब्रिक्स सुरक्षा सहयोग बढ़ेगा।’ उन्होंने कहा, ‘हम पांच (ब्रिक्स के सदस्य) देशों को सामाजिक सुरक्षा समझौते पर भी विचार करना चाहिए।’ प्रधानमंत्री ने आपसी सहयोगी बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा, ‘अब हमें अगले 10 साल में ब्रिक्स की दिशा, तथा आपसी सहयोग को और प्रभावी बनाने पर विचार करना होगा। कई क्षेत्रों में सफलता के बावजूद कुछ क्षेत्रों में प्रयास बढ़ाने की काफी गुंजाइश है।’

इससे पहले ब्रिक्स देशों के कारोबारी सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने भारत में निवेश की अपील की। उन्होंने भारत को दुनिया की सबसे ‘खुली एवं निवेश के लिए अनुकूल’ अर्थव्यवस्था बताते हुए ब्रिक्स देशों की कंपनियों और कारोबारियों से भारत में निवेश करने और यहां उपलब्ध मौकों का लाभ उठाने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘मैं ब्रिक्स देशों की इकाइयों से भारत में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने और उसे बढ़ाने का आग्रह करता हूं।’

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘व्यापार अनुकूल सुधारों, जरूरत के अनुरूप नीतियों, राजनीतिक स्थिरता की वजह से भारत दुनिया की सबसे खुली और निवेश के लिए अनुकूल अर्थव्यवस्था है। हम 2024 तक भारत को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना चाहते हैं। बुनियादी ढांचा क्षेत्र में अकेले 1500 अरब डॉलर के निवेश की जरूरत है।’

ब्रिक्स देशों की अर्थव्यवस्था की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘विश्व की आर्थिक वृद्धि में ब्रिक्स देशों का हिस्सा 50 फीसद है। वैश्विक सुस्ती के बावजूद ब्रिक्स देशों ने आर्थिक वृद्धि को रफ्तार दी। करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला और प्रौद्योगिकी व नवाचार के क्षेत्र में नई सफलताएं हासिल कीं। ब्रिक्स की स्थापना के 10 साल बाद अब भविष्य में हमारे प्रयासों की दिशा पर विचार करने के लिए यह फोरम एक अच्छा मंच है।’ मोदी ने कहा कि ब्रिक्स देशों की इकाइयों के बीच कारोबार को सरल बनाने से आपसी व्यापार और निवेश बढ़ेगा।

प्रधानमंत्री ने पांच देशों के बीच कर और सीमा शुल्क की प्रक्रिया को सरल बनाने की प्रक्रिया की चर्चा की और कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकार और बैंकों के बीच सहयोग से कारोबारी माहौल आसान हो रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि अगले दस साल के लिए कारोबार में प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की जाए और उनके आधार पर ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग की रूपरेखा तैयार की जाए।