सुरक्षा बलों ने बताया है कि छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ में माओवादियों के साथ मुठभेड़ के बाद उन्हें हथियारों और विस्फोटकों का जखीरा मिला है। अहम जानकारी यह है कि सुरक्षा बलों को लंबे पाइप भी मिले हैं। पुलिस का कहना है कि माओवादी लंबी दूरी तक निशाना बनाने वाले हथियार बनाने के लिए इन पाइपों का इस्तेमाल कर रहे थे।

नारायणपुर जिले के पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुरिया ने बताया कि सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई लेकिन वे भाग निकले। उन्होंने बताया कि हमने एक लाइट मशीन गन (LMG) भी जब्त की है और यह बेहद खतरनाक साबित हो सकती थी।

आज की ताजा खबर, Hindi News, हिंदी न्यूज़ लाइव, 30 अगस्त 2025 LIVE

माओवादियों से बरामद हुए हथियार

सुरक्षा बलों ने माओवादियों से जो हथियार बरामद किए हैं, उनमें एक एके-47, एक इंसास राइफल, एक सेल्फ लोडिंग राइफल (एसएलआर), एक 51 एमएम मोर्टार, एक 9 एमएम पिस्तौल, एक देसी पिस्तौल, आठ बैरल ग्रेनेड लांचर (बीजीएल), तीन .303 राइफल, चार 12 बोर राइफल सहित 100 बीजीएल गोले, आठ देसी ग्रेनेड, एक हथगोला और गोला-बारूद शामिल है।

सुरक्षा बलों ने माओवादियों से त्रिची असॉल्ट राइफल (TAR) भी बरामद की है। ऐसा पहली बार हुआ है जब बस्तर क्षेत्र से भारत में बनी यह राइफल मिली है। इसके अलावा कॉर्डेक्स तार के दो बंडल, सुरक्षा फ्यूज के 141 बंडल, जीपीएस उपकरण, डेटोनेटर, रिमोट स्विच और विस्फोटक सामग्री मिली, जिसका उपयोग 100 से अधिक इम्प्रोवाइज्ड विस्फोटक उपकरण (आईईडी) बनाने में किया जा सकता था।

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जमीन के नीचे छिपाए गए थे हथियार

पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुरिया ने बताया कि हथियार अलग-अलग इलाकों में जमीन के नीचे छिपाए गए थे। उन्होंने बताया कि पांच फीट लंबे तीन पाइप जब्त कर लिए गए हैं।

आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने सुरक्षा बलों को बताया कि उनकी तकनीकी टीम बीजीएल गोले दागने के लिए लंबी दूरी के लॉन्चर बनाने पर काम कर रही थी। एक अधिकारी ने बताया कि माओवादी ऐसे लॉन्चर बना रहे थे जिनसे 300 मीटर से ज्यादा दूरी तक टारगेट पर हमला किया जा सके।

पहले भी माओवादी बीजीएल का इस्तेमाल कर पुलिस शिविरों पर हमला कर चुके हैं।

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