मणिपुर में एक मैतेई युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गयी जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मणिपुर के कुकी-जो बहुल चुराचंदपुर जिले के एक गांव में पिछले एक महीने से अपनी पत्नी (जो कुकी-जो समुदाय से हैं) के साथ रह रहे मैतेई समुदाय के एक व्यक्ति की बुधवार शाम को गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हत्या का वीडियो बनाकर उसे शेयर किया गया।
बुधवार देर रात सामने आए वीडियो में एक व्यक्ति अंधेरे में खुले में जमीन पर बैठा हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में कोई ऑडियो नहीं है लेकिन उसमें दिख रहा है कि वह व्यक्ति हाथ जोड़कर कुछ लोगों से विनती कर रहा है, जो वीडियो में दिखाई नहीं दे रहे हैं। इस बीच उस पर दो गोलियां चलाई जाती हैं जिसके बाद वह जमीन पर बेसुध पड़ा हुआ दिखाई देता है। 1 मिनट 12 सेकंड के इस वीडियो में ‘शांति नहीं तो जनवादी सरकार नहीं’ लिखा है जो राज्य में जनवादी सरकार को बहाल करने के प्रयासों का संकेत है।
मैतेई समुदाय के व्यक्ति की हत्या का वीडियो वायरल
चूड़ाचाँदपुर एसपी गौरव डोगरा ने पुष्टि की कि वीडियो में कैद घटना बुधवार शाम करीब 7-7:30 बजे हुई थी। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि मृतक की पहचान मायांगलांबम के रूप में हुई है जो मूल रूप से मणिपुर की मैतेई बहुल घाटी में स्थित काकचिंग खुनू का रहने वाला था। एसपी ने बताया कि घटना नाथजंग नामक गांव में हुई जहां मृतक अपनी पत्नी चिंगनु हाओकिप के साथ रहता था। यह गांव चूड़ाचाँदपुर कस्बे से लगभग 30 मिनट की ड्राइव पर है।
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पुलिस एसपी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “हमने उनकी पत्नी से संपर्क किया और पता चला कि वो लोग पिछले एक महीने से गांव में रह रहे थे। गांव के अधिकारियों समेत सभी स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी थी। वो लोग आम तौर पर मणिपुर में नहीं रहते, वो नेपाल में काम करते हैं और वहीं रहते हैं। कल कुछ हथियारबंद बदमाशों ने गांव में आकर उनकी हत्या कर दी। अभी तक हम दोषियों की पहचान नहीं कर पाए हैं और न ही किसी ने इसकी जिम्मेदारी ली है। जांच जारी है।”
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को एक साल पूरा
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को लगभग एक वर्ष हो चुका है। वहां एक लोकप्रिय सरकार की बहाली पर चर्चा चल रही है। राज्य में राष्ट्रपति शासन को 14 फरवरी को एक साल पूरा हो जाएगा और राज्य में एक लोकप्रिय सरकार के गठन पर आम सहमति बनाने के लिए चर्चा और प्रयास जारी हैं।
पिछले सप्ताह एक बैठक हुई। इसमें सरकार के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर करने वाले और केंद्र सरकार से बातचीत कर रहे कुकी-ज़ो विद्रोही समूहों के प्रतिनिधियों और कुकी-ज़ो समुदाय और नागरिक समाज संगठन, कुकी-ज़ो काउंसिल के विधायकों ने भाग लिया। इस दौरान राज्य में नई लोकप्रिय सरकार के गठन के लिए शर्तें निर्धारित करने वाला एक प्रस्ताव पारित किया गया। इन शर्तों में राज्य और केंद्र सरकारों द्वारा कुकी-ज़ो बहुसंख्यक क्षेत्रों के लिए एक अलग केंद्र शासित प्रदेश पर लिखित राजनीतिक प्रतिबद्धता और वर्तमान विधानसभा के नियमित कार्यकाल की समाप्ति से पहले (जो 2027 में समाप्त होगा) समझौते को अंतिम रूप देना शामिल है।
