झारखंड के गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे एक शख्स के हाथों अपने पांव पखारे जाने को लेकर मीडिया और सोशल मीडिया पर आलोचकों के निशाने पर हैं। बीते रविवार (16 सितंबर) को एक कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ता बताए जा रहे शख्स ने न सिर्फ सांसद के पांव पखारे, बल्कि पानी को चरणामृत की तरह पी लिया था और सारी घटना कैमरे में कैद हो गई थी। अब यह बात सामने आ रही है कि लगातार मीडिया और सोशल मीडिया पर मामले की रिपोर्टिंग से वह शख्स दुखी है। हालांकि, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया है कि बीजेपी सांसद अपने आदमियों से पत्रकारों पर केस कर धमका रहे हैं। तेजस्वी ने करीब 10 बड़े पत्रकारों पर ठोके गए केस वाली प्रतियां ट्वीट की हैं। इन प्रतियों पर लिखे विवरण के मुताबिक पवन कुमार शाह नाम के शख्स ने मीडिया संस्थानों के पत्रकारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। विवरण के मुताबिक पवन कुमार शाह ने वरिष्ठ पत्रकार रोहिणी सिंह, आजतक के अरुण पुरी, एमडीटीवी के प्रणय राय और राधिका राय, एबीपी के अभिक सरकार, एएनएन के प्रधान संपादक, न्यूज 18 के राहुल जोशी, जी न्यूज के सुधीर चौधरी, भास्कर के सुधीर अग्रवाल, दैनिक जागरण के चंदन शर्मा के खिलाफ मुकदमा किया है।

विवरण में लिखा गया है कि अभियोगी एक सामाजिक कार्यकर्ता है और खेती कर परिवार चलाता है। सांसद के पांव पखारने को स्वेच्छा किया जाने वाला आतिथ्य सत्कार बताया गया है। इसमें कहा गया है कि घटना को कैमरे में कैद कर देश के सभी चैनलों और अखबारों ने तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया, जिससे अभियोगी की छवि का हानि पहुंची। इसमें लिखा गया है कि मीडिया के वजह से अभियोगी की मानसिक दशा खराब हो गई है, अगर उसके साथ कोई दुर्घटना हो जाती है तो मुकदमे में जिन पत्रकारों के नाम लिए गए हैं, वे इसके दोषी होंगे।

तेजस्वी ने अपने ट्वीट में लिखा, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे (जिन्होंने गरीब आदमी से अपने गंदे पैर धुलवाए और वह पानी पी गया था) माफी मांगने के बजाय धौस दिखा रहे हैं और अपने आदमियों के द्वारा मुकदमा दर्ज कराकर मीडिया और सोशल मीडिया के लोगों को धमका रहे हैं।